कर्नाटक चुनाव से जोड़ तेजस्वी ने साझा किये अपने अनुभव, विरोधियों को लग गयी मिर्ची

राजनीति

पटना: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दिलचस्प परिणाम पर आम से लेकर खास तक सभी की निगाहें टिकी हैं. फिलहाल कांग्रेस की करारी हार और बीजेपी के बहुमत के आंकड़े से कुछ दूर ठिठकने के बाद बीजेपी विरोधी दलों को थोड़ी राहत मिली है. बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस दिलचस्प लड़ाई पर ट्वीट किया है और ख़ुद के अनुभवों को साझा किया है.

तेजस्वी यादव ने कर्नाटक चुनाव से संबंधित इस ट्वीट में कहा है कि 10 माह पूर्व बिहार में जनादेश के साथ विश्वासघात किया गया था. फिर भी बिहार में राजद सिंगल लार्जेस्ट पार्टी थी और फिलहाल है लेकिन सबसे बड़े दल के होने के बावजूद भी गवर्नर द्वारा सरकार बनाने के लिए आरजेडी को नहीं बुलाया गया था. मैं लगातार गवर्नर द्वारा बुलाये जाने का इंतजार करता रहा लेकिन नहीं बुलाये जाने पर हमने विधायकों के साथ गवर्नर हाउस के सामने रात दो बजे तक धरने पर बैठा रहा लेकिन फिर भी मिलने के लिए वक्त नहीं मिला.

अपने इस अनुभव को साझा करने के साथ ही तेजस्वी यादव ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव से भी जोड़ा है. दरअसल, यहां भी कुछ वैसा ही नजारा है, जैसा बिहार मेें था. कर्नाटक में बीजेपी सबसे बड़े दल के रूप में उभर कर सामने आयी है लेकिन बहुमत के आंकड़े से कुछ दूर है, वहीं कांग्रेस बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए नया दांव खेल रही है. कांग्रेस ने एचडी देवगौड़ा की पार्टी JDS को बाहर से समर्थन देने को राजी है. साथ ही जेडीएस के मुख्यमंत्री पर भी तैयार है.

फाइल फोटो

इसी के संदर्भ में तेजस्वी ने भी ट्वीट किया है कि आखिर देखते हैं कर्नाटक में गवर्नर द्वारा किसे सरकार गठन के लिए बुलाया जाता है.

Source: dbn news

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