बिहार राज्य के दो शक्ति पीठों (सर्व मंगला, अम्बिका भवानी) में से एक है अम्बिका भवानी, जरूर जाए बिहार के छपरा स्थित शक्तिपीठ माँ अम्बिका भवानी के दरबार

आस्था

बिहार के सारण जिले में दिघवारा ब्लॉक में स्थित माँ अम्बिका स्थान (आमी), अवश्य जाना चाहिए| वीकेंड मस्ती के इस श्रेणी में आज हम जानेंगे बिहार के दो शक्तिपीठों में से एक छपरा-सारण की अंबिका भवानी की अपरमपार महिमा गाथा के बारे में ,जहाँ जाकर माता का दर्शन कर सकते है


माँ अम्बिका स्थान का धार्मिक महत्व

बिहार राज्य के दो शक्ति पीठों (सर्व मंगला, अम्बिका भवानी) में से एक है . अम्बिका भवानी जिसका कि पौराणिक आधार विद्यमान है| माँ अम्बिका की महिमा की गाथा पूर्वांचल सहित आस-पास के समस्त प्रदेश में फ़ैली हुई है| माता की महिमा इतनी निराली है कि आमी के मूल निवासी के हर प्रकार के दुखों का माता निवारण करती हैं, उनलोगों का मानना है कि रात्रि के समय मंदिर के अन्दर से आरती और घंटियों की स्वर निकलती है|

यहां नवरात्री में लाखों की संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ती है| ऐसे माता का दरबार अपने भक्तों के लिए हर दिन खुला रहता है, मंगलवार और शुक्रवार को माँ की विशेष पूजा- अर्चना, हवन, आरती, आदि की जाती है| यहां हर सुबह अशंख्य श्रद्धालुओं की भीड़ माँ के दर्शन तथा पूजन के लिए, आने-जाने वालों का ताँता लगा रहता है| श्रद्धालू जन माता की पूजन विधि लाल चूनरी, फूल तथा प्रसाद का चढ़ावा चढ़ा कर करती है|

बिहार सरकार के पुरातत्त्व विभाग के पूर्व निर्देशक प्रकाश चरण प्रकाश के तथ्यानुसार अम्बिका स्थान की मूर्ति प्रागैतिहासिक काल की है, मिट्टी की प्रतिमा इस बात की गवाह है की यह पाषण काल के पूर्व की है|

उससमय पत्थरों से मूर्ति बनाने की कला विकसित नही हुई थी| माँ अम्बिका की प्रतिमा को लोग मातृ शक्ति का प्राचीनतम रूप समझते हैं| लोगों की मूल धारणा है कि इस तरह की प्रतिमा के लिए प्राण प्रतिष्ठा की अनिवार्यता नही होती है|

वर्तमान काल में आमी मंदिर के किनारे से गंगा नदी की एक धारा प्रवाहित होती है| मनको के अनुसार इस जगह पर नवदुर्गा की एक पिण्डियो के साथ-साथ एकयादस रूद्र की भी स्थापना करवाई गयी थी| इसे निर्णय भूमि के नाम से भी जाना जाता है, जिसे सिद्धि व् साधना की दृष्टिकोण से अत्यंत उततम माना जाता रहा है|

मंदिर के उत्तर में सिल्हौरि, दक्षिण में बिहटा, पूरब में सोनपुर (हरिहर नाथ मंदिर) और पश्चिम में छपरा(मनोकामना जी) में सजीव लिंग स्थापित है और अम्बिका स्थान से ये सभी एकसमान दुरी पर स्थित है। यह एक मनमोहक स्थान है अतः एक बार माता के दर्शन के लिये सभी को अवश्य पधारना चहिये|

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