दिल्ली-मुंबई की तरह बिहार की सड़कों पर भी दौड़ेगी CNG से चलने वाली कारें

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राजधानी में मार्च से सघन प्राकृतिक गैस (सीएनजी) उपलब्ध होने लगेगी। गेल (जीएआइएल) ने राज्य सरकार को मार्च तक पटना में सीएनजी स्टोरेज स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा करने का भरोसा दिया है। अगले दो साल में सीएनजी के पांच रीफिलिंग स्टेशन काम करने लगेंगे।

 

उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने मंगलवार को सचिवालय स्थित कार्यालय में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर बुलाई गई बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र निर्गत करने, वाहन प्रदूषण की सघन जांच, समुचित कूड़ा प्रबंधन, भवन निर्माण सामग्रियों का ढंक कर परिवहन और सुरक्षित रखरखाव, नई तकनीक पर आधारित ईंट-भट्ठों की स्थापना व प्रदेश के सभी पेट्रोल पम्पों पर वाहन प्रदूषण जांच केंद्र की स्थापना सुनिश्चित कराएं।

प्रदूषण नियंत्रण पर्षद को उन्होंने निर्देश दिया कि तीन सदस्यीय कमेटी बना कर वाहन प्रदूषण जांच केंद्रों के उपकरणों की जांच कराई जाए। वाहनों पर प्रदूषण नियंत्रण जांच का स्टीकर लगाना अनिवार्य किया जाए। पटना स्थित सभी चार सचिवालयों में चलंत उपकरणों से सरकारी वाहनों की जांच कर उन्हें प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र निर्गत किया जाए।

पटना नगर निगम को उन्होंने निर्देश दिया कि कचरा तिरपाल से कवर करके ढोया जाए। सार्वजनिक स्थानों, सड़कों पर बालू व अन्य भवन निर्माण सामग्री रखने पर सख्ती से रोक लगाई जाए। कूड़ा जलाने पर व्यक्ति विशेष से पांच हजार और संस्थाओं से 25 हजार रुपये का दंड वसूला जाए। पटना जिले के पांच प्रखंडों में ईंट-भट्ठों की स्थापना पर रोक लगा दी गई है। पूर्व से संचालित ईंट-भट्ठों को नई तकनीक अपनाने तक संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। 1बैठक में पर्यावरण व वन विभाग, परिवहन, नगर विकास एवं आवास, पटना नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारियों के साथ पटना के जिलाधिकारी व यातायात आरक्षी अधीक्षक मौजूद थे।

 

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