इस बिहारी युवक ने एक आईडिया से शुरू किया अपना स्टार्टअप, जुनून ने दी पहचान, आज लोग दे रहे सफलता पर बधाई

बिहारी जुनून

अगर आप अपने घर या ऑफिस में ही अपनी च्वाइस का खाना चाहते हैं, तो ‘बॉक्स ब्वॉय’ से संपर्क करिए। कंपनी की वेबसाइट या मोबाइल एप के माध्यम से ऑर्डर और ई-वैलेट से पेमेंट करने के बाद तय वक्त पर आपका खाना आपके दरवाजे पर पहुंच जाएगा। इसके लिए कोई मेंबरशिप, जमा राशि या छुपा चार्ज नहीं है।

वेज खाना 60 से 125 रुपए के बीच है, तो नॉनवेज 90 से 155 रुपए में उपलब्ध है। हालांकि प्राइसिंग पूरी तरह डायनेमिक है और एप व वेबसाइट पर यह अपडेट होता रहता है। पटना में अब तक 200 से अधिक ग्राहकों को अपनी सर्विस से प्रभावित कर चुका यह स्टार्टअप शीघ्र ही बड़ी भूमिका में आने के लिए संघर्ष कर रहा है। बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का वेंचरपार्क उसकी पूरी मदद कर रहा है।

मुजफ्फरपुर के 26 वर्षीय आकाश दीप ग्रेजुएशन के वक्त से ही कुछ अलग करने की सोच रखते थे। आकाश ने भुवनेश्वर के एएसबीएम इंस्टीट्यूट से बैचलर इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री हासिल की है। मार्च, 2016 में उन्होंने बॉक्स ब्वॉय को जमीं पर उतारा। वे इसे मुंबई के डिब्बावाला से अलग कांसेप्ट और स्वरूप में लाना चाहते थे।

इसके लिए उन्होंने तकनीक का सहारा लिया। शुरुआती पारंपरिक तरीकों से अलग वेब और एप के जरिए लोगों तक पहुंच बनाई। गुणवत्ता, हाइजीन और स्वच्छता से समझौता नहीं किया और यही कारण है कि आज हर महीने इन डिब्बों की मांग 5000 से अधिक हो चुकी है।

वेंचरपार्क की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य सचिव संजय गोयनका बताते हैं कि बॉक्स ब्वॉय ने बेहद छोटी पूंजी से अपना काम शुरू किया है। यह तेजी से ग्राहकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है।

वेंचरपार्क से उन्हें हर तरह की मेंटरिंग, ट्रेनिंग और मदद दी जा रही है। वेंचरपार्क के को-ऑर्डिनेटर अभिषेक कुमार बताते हैं कि इन्क्यूबेटर के तौर पर बॉक्स ब्वॉय का काम बेहद उत्साहवर्धक रहा है।

बीआईए के अध्यक्ष रामलाल खेतान ने बताया कि बीआईए का वेंचरपार्क जबसे खुला है, ऐसे युवाओं को सपोर्ट किया जा रहा है। हमारे कुछ इन्क्यूबेटर को तो प्रधानमंत्री की स्टार्टअप योजना से भी पहचान मिली है। हम आकाश की मेहनत की सराहना करते हैं।

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