हादसे में दोनों पैर कटे, 6 महीने बिस्तर परहें, अब रोज 35km का सफर कर ड्यूटी करता है जवान

प्रेरणादायक

Patna: मध्य प्रदेश के भिलाई के रहने वाले एक जवान के दोनों पैर हादसे में चले गए, लेकिन हिम्मत नहीं हारी. वह अपने कर्तव्य पथ पर डटे रहे और इसमें मजबूती से साथ दे रही हैं उनकी पत्नी.अभिषेक निर्मलकर ड्यूटी के लिए रोज भिलाई से रायपुर जाते थे. वह एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ATS में थे. एक रात वह दानापुर एक्सप्रेस से घर के लिए निकले. वह ट्रेन गी गेट पर खड़े थे. अचानक बोगी में धक्का मुक्की हुई और वह नीचे गिर गए. 

जब उनकी आंख खुली तो वह खुद को अस्पताल में पाए. उनका एक पैर नहीं था और दूसरा उठ भी नहीं पा रहा था. दर्द और बेचैनी असहनीय थी. इसी दौरान डॉक्टरों ने बताया कि एक पैर कट गया और दूसरा भी अलग करना होगा.  अगले दिन ऑपरेशन होकर उनका दूसरा पैर भी हट गया. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक़, इन सबसे वह पूरी तरह से टूट गए. डिप्रेशन में जाने लगे. लेकिन, इस दौरान पत्नी और घर वाले मजबूती के साथ खड़े रहे. पत्नी जिम्मेदारी उठाने को तैयार हो गई. बुजुर्ग पिता ने भी बहुत सहारा दिया.

कृत्रिम पैर बना सहारा

उनकी डेढ़ साल की बेटी और 7 साल का बेटा है. फिर एटीएस के अधिकारियों ने सहारा दिया. उन्होंने बताया कि वह ड्यूटी पर जा सकते हैं. इसके बाद कृत्रिम पैरों पर खड़े होने का संघर्ष शुरू हुआ. 6 महीने में वह इसमें सफल रहे. फिर चलने के अभ्यास में गई बार गिरे. पैर जमने लगे तो दोस्तों के साथ बाइक पर बाहर जाने लगे.

अब ड्यूटी पर जा रहे हैं अभिषेक

20 अक्टूबर से वह ड्यूटी ज्वाइन कर लिए हैं. अब रोज दोस्त की बाइक पर सवार होकर 35 किमी दूर जाते हैं. अब वह मोपेड चलाने की कोशिश कर रहे हैं और हादसे को भुलने की कोशिश कर रहे हैं.

Source: IndiaTimes Hindi

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