यूपी की राजधानी लखनऊ में इस बार बकरीद पर बकरा नहीं बल्कि केक का’टा गया। सुन्नी सोशल फोरम (Sunni Social Forum) ने बकरीद पर बकरे न का’टने का प्रस्ताव पास किया था। बकरीद पर फोरम के सदस्यों ने बकरे के आकार का केक का’टा।

मुसलमानों ने इस दौरान जीव ‘ह’त्या को गलत बताया और बिना जीव ह’त्या के बकरीद मनाने की वकालत की। सुन्नी सोशल फोरम (लखनऊ) के अध्यक्ष ठाकुर राजा रईस ने कहा कि हमारे गेस्ट ने जीव ह’त्या को पाप बताया और इसके कई साइंटिफिक कारण भी बताए। इस वजह से जीव ह’त्या नहीं करनी चाहिए।

वहीं, ताजनगरी आगरा में ईद-उल-अजहा पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। सोमवार को यहां मस्जिदों में नमाज अदा की गई, इसके बाद कुर्बा’नियों का दौर शुरू हुआ। लेकिन यहां एक परिवार ने जीव रक्षा की बात करते हुए इको फ्रेंडली बकरीद मनाई है। कलमा पढ़ते हुए परिवार ने केक का’टकर एक दूसरे को खिलाया और त्यौहार की मुबारकबाद दी। परिवार का मानना है, इस तरह के प्रयास से उन्होंने लोगों को जीव ह’त्या रोकने का संदेश दिया है

शाहगंज आजमपाड़ा में रहने वाले गुलचमन शेरवानी वंदेमातरम के प्रति प्रेम रखने और तिरंगा पहनने के लिए मशहूर हैं। इनका घर भी तिरंगा महल के नाम से जाना जाता है। गुलचमन बताते हैं कि 2017 में उन्होंने बकरीद पर कु’र्बानी करने के लिए एक बकरा खरीद कर पाल लिया। लेकिन कुछ माह रहने के बाद उससे परिजनों व बच्चों का लगाव बढ़ गया। जब कु’र्बानी का समय आया तो बच्चों ने उसकी कु’र्बानी करने से इंकार कर दिया।

Sources:-Live News

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