BJP का नीतीश प्रेम, कहा- ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे, ….तेरा साथ न छोड़ेंगे

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पटना: बिहार भाजपा का कहना है कि केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे के विवादस्पद बयान के बाद बिहार भाजपा बचाव की मुद्रा में आ गयी है । अश्विनी चौबे के बयान को पूरे संदर्भ को नहीं दिखाया जा रहा है। उसके एक हिस्से को मीडिया में दिखाने की वजह से गलतफहमी पैदा हो गयी है। दीनदयाल जन्म शताब्दी समारोह समिति के सदस्य और बिहार भाजपा के युवा नेता मृत्युंजय झा ने अश्विनी चौबे और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पुत्र पर लगे आरोपों का बचाव किया है। उन्होंने नीतीश कुमार के दोस्ताना को अटूट बताया है।

भाजपा का कहना है कि अश्विनी चौबे ने दिल्ली एम्स में भीड़ के लिए बिहारियों को जिम्मेवार नहीं ठहराया है। अश्विनी चौबे का पूरा बयान ये है कि दिल्ली एम्स में इलाज के लिए बिहार के बहुत लोग आते हैं। अगर पटना एम्स में तमाम सुविधाएं बहाल कर दी जाएं तो बिहार के लोगों की भीड़ दिल्ली नहीं आएगी। पटना के एम्स को दिल्ली की तरह सक्षम और योग्य बनाया जाएगा। अश्विनी चौबे बिहार के ही हैं तो भला वे अपने प्रदेश के लोगों का कैसे अपमान कर सकते हैं। मृत्युंजय झा ने अमित शाह के मुद्दे पर कहा कि ये भाजपा को नुकसान पहुंचाने के लिए झूठी खबर फैलायी गयी है। इस मामले में मानहानि का मुकदमा किया जा चुका है।

अगर अमित शाह के पुत्र ने गलत तरीके से सम्पत्ति अर्जित की है तो सभी के लिए कानून का दरवाजा खुला है। लेकिन ये मामला भी उसी तरह बेबुनियाद साबित होगा जैसा नितिन गडकरी के पुत्र के मामले में हुआ था। नितिन गडकरी के खिलाफ उठा मुद्दा आज कहां हैं ? जब विरोधी दल नरेन्द्र मोदी की सरकार को नहीं घेर पा रहे हैं तो वे अनर्गल बातों का सहारा ले रहे हैं। बिहार में भाजपा और जदयू के बीच कितना समन्वय है इस सवाल के जवाब में भाजपा नेता मृत्युंजय झा ने नीतीश कुमार के बयान का हवाला दिया।

नीतीश कुमार ने जनसंवाद कार्यक्रम में कहा कि बिहार में जदयू और भाजपा के बीच जो दोबारा मेल हुआ वो राज्य की जनता की इच्छा के अनुरूप हुआ है। कोई सर्वे कर के इस तथ्य की हकीकत जांच सकता है। यानी नीतीश कुमार मानते हैं कि बिहार में भाजपा-जदयू की सरकार स्वभाविक गठबंधन है। जब नीतीश कुमार से अमित शाह के बेटे की सम्पत्ति में अचानक भारी बढोतरी के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, इस मामले की मुझे जानकारी नहीं है। यानी नीतीश ने अपने मित्र दल का एक तरह से बचाव ही किया। भाजपा का जदयू से बेहतर तालमेल है।

दोनों दल राज्य के विकास के लिए प्रयत्नशील हैं। विकास दोनों ही दलों का मूल एजेंडा है। जब विचारों में समानता होगी तो भला मतभेद कैसे होगा। भाजपा का मानना है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार का विकास और तेज होगा। यानी भाजपा नीतीश से कह रही है कि ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे ।

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