गुजरात चुनाव में भाजपा की जीत से लहरायेगा भगवा, राहुल गांधी अब करें 2019 की तैयारी

राजनीति

गुजरात विधानसभा चुनाव पर इंडिया टुडे के कंसल्टेंट एडिटर राजदीप सरदेसाई ने अपनी तरफ़ से अपना फैसला सुनाया। उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा कि गुजरात चुनाव की टॉफी अंत में भाजपा के हाथों में ही होगी। इस चुनाव में हार्दिक को साथ लेकर राहुल गांधी ने अपना पूरा दमखम भले ही दिखाया हो लेकिन राजदीप इसे 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी की नज़र से देख रहे हैं। उन्होंने कुछ बिंदुओं में भाजपा की जीत पर मुहर लगाई है।

गुजरात चुनाव की जीत पर अगर ये सवाल मुझसे एक महीना पहले पूछा जाता तो मैं बेझिझक 182 में से 120 सीटों के साथ भाजपा का नाम लेता। लेकिन अब मैं थोड़ा सोचकर जवाब दूंगा। हालांकि अभी भी यही कहूंगा कि जीत का स्वाद भाजपा ही चखने वाली है। हां मार्जिन उतना नहीं होगा।

भाजपा हिंदुत्व का गढ़, कांग्रेस नेतृत्वहीन

सच्चाई तो ये है कि गुजरात हिंदुत्व का गढ़ है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की अगुवाई में पार्टी ने यहां बूथ लेवल कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर एक मजबूत संगठन तैयार किया है। जिसे तोड़ना कांग्रेस के लिए मुश्किल है। इसके विपरीत कांग्रेस एक कमजोर, नेतृत्वविहीन पार्टी के रूप में ही नजर आई। हालांकि इसी साल अगस्त में राज्यसभा चुनावों के दौरान अहमद पटेल के चुनाव के समय कांग्रेस ने आश्चर्यजनक प्रदर्शन किया था।

मोदी को बताया नंबर वन नेता

आज भी गुजरात का सबसे बड़ा नेता कोई है तो सिर्फ नरेंद्र भाई मोदी ही हैं। इस सच्चाई के बारे में जानने के लिए किसी रोड ट्रिप या किसी तरह के विश्लेषण की जरुरत नहीं। नरेंद्र मोदी को गुजरात छोड़ दिल्ली की राजनीति में आए अब तीन साल हो गए हैं लेकिन आज भी गुजरात के लोगों के दिलों में उनके प्रति प्यार, स्नेह, इज्जत वही है जो उनके राज्य के मुख्यमंत्री रहते थी। कुछ मुस्लिम बहुल इलाकों और हार्दिक पटेल के गढ़ को छोड़कर बाकी हर जगह लोगों के दिलों और जुबान पर आपको मोदी का ही नाम सुनाई देगा।

राहुल गांधी ने अपने नेतृत्व से चौंकाया

इसमें तो कोई दो राय नहीं कि राहुल गांधी ने इस चुनाव में सबको चौंका दिया। जिस तरह की एनर्जी, आत्मविश्वास राहुल ने इस चुनाव प्रचार में दिखाया वो काबिलेतारीफ है। हालांकि अभी भी उनमें भाषण देने की कला में थोड़ा पैनापन आना बाकी है। मगर फिर भी राहुल ने दिखा दिया कि राजनीति के गुण उनमें भी कम नहीं हैं। राहुल ने दिखा दिया कि 2019 में वो क्षेत्रिय नेताओं के साथ मिलकर ब्रांड मोदी को कट्टर दे सकते हैं। गुजरात चुनाव के ये नतीजे इस संभावना पर मुहर लगाएंगे।

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