बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे 100 से ज्यादा नर्सिंग होम और पैथ लैब, इलाज के नाम मरीजों से हो रही लूट

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जहानाबाद जिला मुख्यालय समेत जिले के विभिन्न प्रखंडों में 100 से अधिक अवैध रूप से नर्सिंग होम एवं पैथोलाजी चल रहे हैं। जहां इलाज के नाम पर मरीजों को लूटा जा रहा है। जिले में 100 से अधिक अवैध नर्सिंग होम होने का दावा करते हुए मखदुमपुर के विधायक सतीश दास ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया था। स्वास्थ्य विभाग ने विधायक द्वारा दी गई जानकारी के आलोक में सिविल सर्जन को अवैध रूप से संचालित निजी नर्सिंग होमों की जांच कराने का निर्देश दिया था। हालांकि जिले में 20 नर्सिंग होम को निबंधित बताया जा रहा है।

विभागीय निर्देश के आलोक में सिविल सर्जन के द्वारा कमेटी गठित करने की औपचारिकता पूरी की गई । लेकिन आज तक अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होमों की जांच नहीं कराई गई। अवैध रूप से संचालित कई नर्सिंग होम में मरीज की मौत के बाद हुए हंगामे के बाद तत्कालीन डीएम हिमांशु कुमार राय ने एसडीएम एवं सिविल सर्जन को अवैध नर्सिंग होमों की जांच का जिम्मा दिया था। लेकिन, अभी तक जांच प्रारंभ नहीं की गई।

सिविल सर्जन ने डीएम के निर्देश पर सभी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र के प्रभारियों से उनके क्षेत्र में चल रहे नर्सिंग होमों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। घोसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने अपने क्षेत्र के नौ अवैध नर्सिंग होमों की सूची सिविल सर्जन को उपलब्ध कराई। अन्य किसी पीएचसी प्रभारी ने कोई रिपोर्ट अब तक नहीं दिया है। घोसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की रिपोर्ट आने के बाद भी अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। दरअसल दलाल मरीजों को अपने जाल में फंसा कर निजी अस्पतालों में ले जा रहे हैं और उनसे मोटी रकम वसूल रहे हैं।

मरीज व स्वजनों के साथ की जाती है मनमानी

नर्सिंगहोम और क्लीनिक के संचालक मरीजों और उनके परिजनों के साथ मनमानी करते हैं। जिले भर में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं लेकिन अभी तक कार्रवाई किसी पर नहीं हुई। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि जो क्लीनिक और नर्सिंग होम नियमों और शर्तों की पूर्ति नहीं करते हैं, निरीक्षण करने के दौरान संबंधित टीम सख्त रुख अख्तियार तो करती है लेकिन सिर्फ दिखावे के लिए।

ऐसे संस्थानों में मरीजों से मनमाने ढंग से रुपये वसूले जाते हैं। लिहाजा लापरवाही की वजह से ऐसे नर्सिंग होम में आये दिन जच्चा-बच्चा की मौत होती रहती है। लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं स्वच्छता समिति की अध्यक्ष जिला पार्षद सुशीला शर्मा ने डीएम को नर्सिंग होम के निबंधन में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाते हुए जांच का अनुरोध किया था। डीएम ने डीडीसी को जांच करने का आदेश दिया था। लेकिन, अभी तक जांच शुरू नहीं हो सकी है।

 

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