विक्रमशिला के खंडहरों से झांकते इतिहास से रूबरू हुए विदेशी मेहमान, राजमहल भी देखने जाएंगे

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विदेशी सैलानियों को लेकर गुरुवार को गंगाविलास भागलपुर पहुंचा था, सैलानियों ने रात को कहलगांव में विश्राम किया। वहीं सैलानी शुक्रवार सुबह विक्रमशिला विश्वविद्यालय घूमने पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।

कहलगांव से शुक्रवार सुबह 9 बजे क्रूज बटेश्वरस्थान के लिए खुला। क्रूज से उतरकर विक्रमशिला तक जाने के लिए सैलानियों के लिए एक दर्जन से ज्यादा टोटो का इंतजाम किया गया था। बटेश्वरस्थान में स्वागत के वाहन से सैलानी विक्रमशिला गए। बटेश्वरस्थान, विक्रमशिला, अंतीचक और ओरियप में दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल तैनात किया गया है। विक्रमशिला और बटेश्वरस्थान का अवलोकन के बाद गंगाविलास के सैलानी राजमहल के लिए प्रस्थान कर जाएंगे।

बता दें कि गुरुवार को एम‍वी गंगा विलास क्रूज वाराणसी से डिब्रूगढ़ जाने के क्रम में गुरुवार को लगभग 11:00 बजे सुल्तानगंज की उत्तरवाहिनी गंगा के नमामि गंगे घाट पर पहुंचा, जहां अधिकारियों सहित दर्जनों प्रशासनिक पदाधिकारी और भाजपा के नेताओं ने सैलानियों का भव्य स्वागत किया गया।

इसके बाद नगर भ्रमण करते जत्था अजगवीनाथ मंदिर पहुंचा। सैलानियों ने बाबा अजगवीनाथ का जलाभिषेक किया। पहाड़ी के चारों ओर कलाकृति को कैमरे में कैद किया और अलौकिक बताया। विदेशी सैलानी पीटर, राईमेंस, गाडसुरा ने भारत आने को लेकर कहा कि पहली बार भारत आए हैं। अजगवीनाथ की पावन धरती पर आकर बहुत खुशी मिली। यहां के लोग बहुत प्यारे हैं। वहीं पहाड़ी पर बने कलाकृतियों को सैलानियों ने कैमरे में कैद किया।

कोहरा के कारण कहलगांव में क्रूज ने डाला था लंगर

गंगा विलास क्रूज ने शाम को कुहासा छा जाने के चलते कहलगांव में चारोंधाम घाट के सामने गंगा में लंगर डाला। प्रशासन की ओर से सैलानियों की सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध किया गया।

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