बिहार के बढ़ते कदम : स्वास्थ्य और एंबुलेंस सुविधा के मामले में लगाई लंबी छलांग, ऐसा करने वाला पहला राज्य बना

खबरें बिहार की जानकारी

बिहार देश के उन गिने चुने राज्यों में है जहां महज एक फोन काल पर 35 मिनट के अंदर शहर में और 20 मिनट के अंदर गांव में एंबुलेंस की सुविधा मिल रही है। इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (आइपीएचएस) के अनुसार एक लाख की आबादी पर एक बुनियादी जीवन रक्षक एंबुलेंस एवं पांच लाख की आबादी पर एक उन्नत जीवन रक्षक एंबुलेंस का प्रावधान है। लेकिन बिहार ने इससे कहीं आगे बढ़कर अपने नागरिकों के लिए एंबुलेंस के प्रावधान किए हैं। राज्य में आज 86 हजार की आबादी पर एक बुनियादी जीवन रक्षक एंबुलेंस तथा 2.17 लाख की आबादी पर एक उन्नत जीवन रक्षक एंबुलेंस उपलब्ध हो गई है।

पुरानी साढ़े छह सौ एंबुलेंस को हटा बेड़े में शामिल की गईं एक हजार एंबुलेंस

कोविड काल के दौरान प्रदेश में एंबुलेंस की कमी की वजह से स्वास्थ्य विभाग को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। एंबुलेंस की कमी की एक बड़ी वजह तकरीबन साढ़े छह सौ एंबुलेंस का पुराना पड़ जाना भी रहा। इस समस्या को देखते हुए राज्यों को मिले कोविड पैकेज-2 से राज्य के एंबुलेंस बेड़े में एक हजार नई एंबुलेंस को शामिल करने की स्वीकृति दी गई। साथ ही जो कार्य योग्य नहीं रह गई थीं, वैसी 642 एंबुलेंस को बेड़े से बाहर भी किया गया। एक हजार नई एंबुलेंस खरीद के लिए राज्य सरकार ने तीन सौ करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की।

466 बुनियादी व 534 उन्नत जीवन रक्षक एंबुलेंस की खरीद

योजना के तहत 466 बुनियादी जीवन रक्षक एंबुलेंस और 534 उन्नत जीवन रक्षक एंबुलेंस की खरीद होनी थी। बुनियादी जीवन रक्षक एंबुलेंस को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं में लगाया जाना था, जबकि उन्नत जीवन रक्षक एंबुलेंस को प्रखंडों में तैनात किया जाना था। विभाग की पहल के प्रयास से बीते वर्ष मई-जून में सभी एक हजार एंबुलेंस की आपूर्ति विभाग को कर दी गई। जिसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

बिहार बना पहला राज्य जहां हर प्रखंड में एक-एक उन्नत जीवन रक्षक एंबुलेंस

बिहार देश का पहला राज्य है जहां उसके सभी 534 प्रखंडों में एक-एक उन्नत जीवन रक्षक एंबुलेंस तैनात की गई है। यह एंबुलेंस जान बचाने की तमाम आधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं। इनमें आक्सीजन सुविधा के साथ वेंटिलेटर, डिफिब्रीलेटर सह कार्डियक मानिटर, सेंट्रल वेन कैथेडर्स जैसी सुविधाएं हैं।

कोविड पैकेज-2 से मिली राशि से बिहार ने एंबुलेंस क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नई और पुरानी मिलाकर सरकारी क्षेत्र की तकरीबन 17 सौ एंबुलेंस राज्य की सड़कों पर दौड़ रही हैं और बीमार व्यक्ति से लेकर गर्भवती महिला, सड़क दुर्घटना में घायल लोगों के साथ ही जरूरतमंदों की सेवा में जुटी हैं।

एबुलेंस के मामले में बिहार ने बेहतर कार्य किया है। आज बिहार में 86 हजार की आबादी पर एक बुनियादी जबकि 2.17 लाख की आबादी पर एक उन्नत जीवन रक्षक एंबुलेंस की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री परिवहन योजना भी प्रारंभ की गई है। जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले दो नागरिकों को एंबुलेंस खरीद के लिए अनुदान दिया जा रहा है

Leave a Reply

Your email address will not be published.