क्रिकेट में बिहार की बेटी जया का बजता है डंका, मिताली राज जैसा करना चाहती हैं नाम

बिहारी जुनून

पटना : पटना की रहने वाली जया कुमारी पर बचपन से ही क्रिकेट का जुनून सवार था. इनके पिता बताते हैं कि वह हर वक्त सिर्फ क्रिकेट के बारे में ही सोचती रहती है. जया, झारखंड से अंडर 19 और अंडर 23 क्रिकेट खेल रही हैं. दसवीं में पढ़ाई करते हुए भी वह क्रिकेट खेल रही हैं और कई टूर्नामेंटों में इनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है. डिस्ट्रिक्ट लेबल पर इन्हें मैन ऑफ द मैच तक मिल चुका है. इनके पिता स्वयं एक क्रिकेट कोच हैं.

 

जया कहती हैं कि क्रिकेट खेलना मेरा जुनून है. इसके लिए मैं दिन रात मेहनत करती हूं. घर से मुझे काफी सहयोग मिलता है. हमारे कोच संतोष कुमार ने भी मुझे काफी प्रोत्साहित किया है. पैसे और आर्थिक तंगी के बावजूद इन्होंने टीम में सेलेक्शन आदि से लेकर कई चीजों में मेरी मदद की. वहीं क्रिकेटर इशान किशन भी बैट देकर मदद कर चुके हैं. पूर्णिया, सीतामढ़ी, झारखंड आदि कई जिलों में टूर्नामेंट खेल चूंकि हैं. जया कहती हैं कि मेरा सपना है कि मैं इंडियन वीमेंस क्रिकेट टीम में शामिल होकर देश के लिये खेलूं. यही वजह है कि मैं अभी से ही इसके लिए जी जान से लगी हूं. कुछ परेशानियां होती हैं लेकिन उसका सामना करती हूं. वे कहती हैं कि अब वीमेंस क्रिकेट के प्रति लोगों की धारणा बदली है. वीमेंस क्रिकेट में भी अब अच्छा कॅरियर है यह लोग समझने लगे हैं.

इसलिए मोहल्ले के लोग ताने कसने के बजाये अब प्रोत्साहित करते हैं. यह अच्छी परंपरा बन रही है और इससे हमें अच्छा लगता है. मैं क्रिकेट के साथ-साथ पढ़ाई भी कर रही हूं लेकिन क्रिकेट मेरा पहला प्यार है. झारखंड जूनियर वीमेंस टीम में सेलेक्शन के बाद से मेरा उत्साह और ज्यादा बढ़ा है. वे कहती हैं कि अब लड़कियां किसी से कम नहीं हैं. लड़कियों को भी अब किक्रेट जैसे खेल में सफलता मिल रही है और एक नई पहचान मिल रही है, जो अच्छी बात है.

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