बिहार में यूँ तो कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़ आते रहती है लेकिन बाढ़ व सुखाड़ के अलावा भी एक ऐसी चीज है जो बिहार में हमेशा आते रहती है वो है प्रतिभा, बिहार के लोग हर परिस्थिति में संघर्ष करके अपने राज्य व राष्ट्र उस मुकाम तक पहुंचाते हैं जिससे लोग उनपर गर्व कर सके। इतिहास साक्षि है कि बिहार प्राचीन काल से ही ज्ञान का भंडार रहा हैं और यहाँ के लोगों में प्रतिभा कूट – कूट कर भरी होती है। अपने ज्ञान के दम पर बिहारियों ने अपने आप को विश्व भर में स्थापित किया है। इसबार बिहार के सीतामढ़ी के लाल ने अपने ज्ञान के दम पर कजाकिस्तान के नूर-सुल्तान में आयोजित सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व कर पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है।

हार्वर्ड कॉलेज प्रोजेक्ट फॉर एशियन और इंटरनेशनल रिलेशन द्वारा आयोजित हार्वर्ड एशिया कॉन्फ्रेंस 2019 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए बिहार के सीतामढ़ी के हेमंत हिसारिया ने पेरिस समझौते और जलवायु परिवर्तन से जुड़े अन्य मुद्दों से अमेरिका के बाहर निकलने के निहितार्थ पर अपने विचार रखे। इस दौरान वे अमेरिका में पूर्व भारतीय राजदूत निरुपमा राव और 2007 में शांति के लिए नोबेल पुरस्कार पाने वाले राय क्वोन चुंग से भी मिले। जलवायु परिवर्तन के लिए पेरिस समझौते को तैयार करने में चुंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। हेमंत की इस उपलब्धि पर सीतामढ़ी बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने बधाई दी है।

संयुक्त मंत्री राजेश कुमार सुंदरका ने कहा कि यह सीतामढ़ी के लिए यह गौरव की बात है कि हेमंत ने ऐसे महत्वपूर्ण अन्तरराष्ट्रीय सम्मलेन में भाग लिया। इसमें 70 देशों के 300 और भारत के 40 प्रतिनिधियों ने भाग लिए। सम्मलेन में विभिन्न वैश्विक नेताओं, सीईओ और नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने भाग लिए। सम्मेलन में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के मुद्दों पर चर्चा की गई। बताते चलें कि हेमंत मूल रूप से शहर के गुदरी रोड, निवासी प्रदीप कुमार हिसारिया और सरिता देवी के पुत्र हैं। वे श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, नई दिल्ली से सीए कर रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here