बिहार शिक्षक बहालीः छठे चरण में अभी लगेंगे 3-4 माह, सातवां चरण अगले साल; नियमावली तैयार, मंजूरी का इंतजार

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बिहार में पहली से लेकर 12वीं तक के तकरीबन 80 हजार सरकारी विद्यालयों को सातवें चरण की नियुक्ति के तहत नये शिक्षक इस शैक्षिक सत्र में नहीं मिल पायेंगे। क्योंकि छठे चरण के तहत प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में तो तीन बार मेधा सूची ( समव्यवहार) बनाकर घोषित रिक्ति के विरुद्ध नियुक्ति की प्रक्रिया तो पूरी हो चुकी है लेकिन माध्यमिक-उच्च माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया में फिलहाल पटना तथा सारण जिला परिषद में पहले शिड्यूल के तहत ही प्रक्रिया चल रही है। यही नवम्बर तक चलेगी। कई नगर निकाय चुनाव के बाद पहली बार काउंसिलिंग का शिड्यूल जारी होना अभी बाकी है। कुल मिलाकर नियोजन नियमावली की शर्तों के तहत छठा चरण को पूर्ण करने में शिक्षा विभाग को अभी तीन से चार माह और लगेंगे। वैसे भी विभाग ने पहले ही साफ कर दिया है कि छठा चरण पूर्ण होने के बाद ही सातवां चरण आरंभ होगा। दरअसल ऐसा नहीं करने पर विभाग को न्यायिक प्रक्रिया में भी उलझने की आशंका है।

सातवें चरण के तहत अबतक विभाग द्वारा एकत्रित की गई रिक्ति के मुताबिक तकरीबन दो लाख पदों पर बहाली होगी। प्रारंभिक में 80 हजार 257 जबकि माध्यमिक, उच्च माध्यमिक में 1.20 लाख शिक्षक नियुक्त करने की तैयारी है। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 23 सितम्बर को हुई बैठक में यह तय हो चुका है कि पहले माध्यमिक-उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक बहाल किये जाएं। यह भी तय है कि नये चरण की बहाली नयी प्रक्रिया से होगी। इसको लेकर शिक्षक नियोजन नियमावली में बदलाव का प्रस्ताव तैयार है। शिक्षा मंत्री प्रो. चन्द्रशेखर का हस्ताक्षर होना अभी बाकी है। शीघ्र राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इसपर स्वीकृति ली जाएगी। नई विधि से नियोजन प्रक्रिया अभ्यर्थियों के लिए आसान हो जाएगी।

बीटेट कराए बिना नहीं मिलेंगे योग्य दावेदार

हालांकि प्रारंभिक स्कूलों के लिए रिक्त 80 हजार 257 पदों पर फिलहाल नियुक्ति की कोई तैयारी नहीं दिख रही। लेकिन मार्च 2022 के बाद भी यदि शिक्षा विभाग इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया आरंभ करता है तो उसके पहले उसे बिहार शिक्षक पात्रता परीक्षा लेना ही होगा। वैसे तो इसकी कोई सुगबुगी नहीं है लेकिन बीटेट लिए बगैर सीट भरे नहीं जा सकते। क्योंकि छठे चरण में आरक्षित, महिला तथा मध्य विद्यालयों में हजारों की तादाद में विभाग को अभ्यर्थी नहीं मिले हैं।

अब ऑनलाइन आवेदन

 

केन्द्रीयकृत तरीके से विभाग ऑनलाइन आवेदन लेगा और मेधा सूची निर्माण से लेकर चयन सूची जारी करने तक की प्रक्रिया विभाग द्वारा ही संपादित की जाएगी। अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए विकल्पों के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को स्कूल तक का आवंटन भी होगा। हालांकि नियुक्ति पत्र उन्हें संबंधित नियोजन इकाई में ही प्राप्त होंगे।

 

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