बिहार NDA में दरार! स्पेशल स्टेटस को लेकर भाजपा-जदयू आमने-सामने

राजनीति

पटना: लोकसभा चुनाव से ठीक पहले स्पेशल स्टेटस के मुद्दे पर सियासी दांव-पेंच का दौर शुरू हो गया है। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिले इसे लेकर राजनीतिक अखाड़े में दाव चलाये जा रहे हैं।

जदयू ने केंद्र सरकार पर एक बार फिर आंध्रप्रदेश का मिसाल देते हुए दबाव बढ़ाया है। विशेष राज्य के दर्जे को लेकर बिहार एक बार सियासत का केंद्र बनता जा रहा है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सहयोगी पार्टी जदयू ने केंद्र सरकार को साफ तौर पर कहा है कि अगर यूपीए सरकार के समय आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए कमिटमेंट किया जा सकता है तो NDA सरकार बिहार के साथ ऐसा क्यों नहीं कर सकती है?

जदयू सांसद आरसीपी सिंह ने कहा है कि आंध्रप्रदेश में अभूतपूर्व आंदोलन हुआ और संसद को नहीं चलने दी जा रही थी। भारी दबाव के बाद केंद्र की यूपीए सरकार ने आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की बात मान ली थी और संविधान संशोधन की बात भी कही गई थी।

जदयू सांसद ने कहा कि अगर आंध्रप्रदेश के साथ समझौता हो सकता है तो बिहार के साथ क्यों नहीं? बिहार आंध्र से पहले ही आवेदन लगा चुका था और पिछड़े राज्यों की श्रेणी में राज्य दूसरे स्थान पर है।

भाजपा ने एक तरीके से जदयू की मांग को खारिज किया है। पार्टी प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा है कि रघुराम राजन कमेटी ने पहले ही विशेष राज्य के दर्जे के मुद्दे को खारिज कर दिया है। आज की स्थिति में किसी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा मिले. इसकी कोई संभावना नहीं है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जहां तक बिहार को मदद किए जाने की बात है तो केंद्र सरकार बिहार को हरसंभव मदद कर रही है। स्पेशल पैकेज की राशि भी दी जा रही है और जो भी बकाया पैसा है उसे दिया जा चुका है। बिहार के विकास के लिए केंद्र पूरी तरह तत्पर है। केंद्र की ओर से बिहार के विकास के लिए कोई कमी नहीं की जाएगी।

प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि यूपीए सरकार की कथनी और करनी में फर्क था। यूपीए के समय में जो वायदे किए जाते थे उसे पूरे करने की कोई मंशा नहीं थी।

Source: etv bihar

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