बिहार का मिनी शिमला है सिमुलतला

इतिहास

सिमुलतला जिसे बिहार के मिनी शिमला के रूप में भी जाना जाता है, पूर्वी रेलवे की मुख्य लाइन पर स्थित एक गांव है जो एक विकासशील शिक्षा केंद्र है। यहाँ की ख़ूबसूरत पहाड़ी, घाटियां, नहर और नदियां अभी भी पर्यटकों से अछूती हैं।

यहां आपको असीम शांति और और एकांत मिलेगी जो शायद ही कभी कहीं और मिले। खामोशी की आवाज़, विशाल आकाश में बिखरे हुए अनगिनत चमकते सितारे और वहां की प्राचीन अवस्था किसी को भी अतीत में ले जाती है।

यहाँ हल्दिया झारना, लट्टू पहाड और राजा कोठी पर्यटकों का मन मोह लेती हैं। यह एक ऐसी जगह है जहाँ आप जंगल और पहाड़ी के बीच मीलों दूर पैदल घूमने के बाद एक नई ताज़गी महसूस करेंगे।
यहाँ के कुएं का पानी ऐसा जिसे पीने के बाद लज़ीज़ भोजन करने के चंद घंटों बाद ही फिर से आपकी भूख जगा देगा।

Palace of Queen of Dhaka

आप अपनी पसंदीदा किताब या परिवार और दोस्तों के साथ बैठिये और समय धीरे धीरे कब
बीत जायेगा आपको पता भी नहीं चलेगा।

यहाँ के स्थानीय लोग की मेहमाननवाज़ी आपका दिल जीत लेगी। भोजन का दाम भी कम है और बहुत ही अच्छा है। विशाल पुरानी निर्जन इमारतों की बनावट शैली देखते ही बनती है।

सिमुलतला का सुनहरा अतीत बहुत ही गौरवशाली रहा है और आज भी इसकी गवाही दे रही है वो सैकड़ों प्राचीन इमारतें।

ब्रिटिश काल में सिमुलतला एक दैवीय हेल्थ रिसोर्ट हुआ करता था जिसकी बंगाली समुदाय में एक विशेष महत्व हुआ करता था। बंगाल के लोग यहाँ की मिट्टी, पानी और वायु को पवित्र मानते हैं और मानते हैं कि इसमें चमत्कारिक उपचार शक्ति है।

यह उनके सभी बीमारियों और स्वास्थ्य को ठीक कर सकता है। बंगाली भाषा और संस्कृति का प्रभाव यहाँ के लोगों की बोलियों और सड़कों के साइन बोर्डों में देखा जा सकता है।

उनका मानना है कि ‘सिमुताल का जल कोलकाता के दूध के बराबर है’ और इसके लिए वे वर्ष में एक बार जरूर जाते हैं। अतीत के प्रसिद्ध दिग्गज रवींद्रनाथ टैगोर, ब्रिटिश भारत के तत्कालीन जनरल वायसरॉय, ढाका की रानी और कई अन्य लोगों का अपना बंगला यहां हुआ करता था जो आज भी खड़े हैं।

यह एक निमंत्रित समशीतोष्ण के साथ एक हेल्थ रिसोर्ट के रूप में प्रसिद्ध है। इसकी ख़ूबसूरत निर्जन घाटियां, पहाड़ी इलाके, नहर और नदियां न सिर्फ पर्यटकों को कई दिनों तक रोके रहती हैं बल्कि अगले साल फिर से वापस आने को मज़बूर कर देती है।

यह नाइट स्काई अवलोकन और प्रकृति अध्ययन के लिए एक आदर्श स्थान है। यहाँ आने के लिए अक्टूबर से मार्च का सबसे अच्छा समय है

Palace of Queen of Dhaka

सिमलताला देवघर से 50 किमी, भागलपुर से 100 किमी, पटना से 200 किमी, रांची से 300 किमी और जमशेदपुर और कोलकाता से 350 किमी दूर है। एक सार्थक अनुभव यात्रा करने के लिए सिमुलतला में चारों ओर सुरम्य जगह हैं।

 

 

 

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