बिहार में वाहन जांच का इन्हें भी मिला जिम्मा, शराब तस्करों की शामत लाएगा सरकार का फैसला

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बिहार में शराबबंदी कानून लागू है। पीने-पिलाने और तस्करी करने के मामलों में सजा का प्रविधान है। इसके बावजूद कानून तोड़ने वालों की कमी नहीं है। राज्य के हर जिलों से रोज शराब के मामले सामने आ रहे हैं। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से वाहन द्वारा शराब लाते आए दिन अपराधी पकड़े जा रहे हैं। ऐसे में सरकार ने सख्ती और बढ़ा दी है। पुलिस और उत्पाद विभाग के बाद अब परिवहन विभाग के अफसर भी बसों व अन्य गाड़ियों में शराब की जांच करेंगे। इस संबंध में विभाग ने सभी जिलों को दिशा-निर्देश दिया है। इसके तहत राज्य की बसों के अलावा दूसरे राज्यों की बसों की सख्ती से जांच करने को कहा गया है। शराबबंदी को लेकर सभी निजी बस मालिकों से दोबारा पत्राचार करने का निर्देश दिया गया है। गाड़ियों की रैंडम जांच भी की जाएगी। सीमावर्ती इलाकों में विशेष तौर पर जांच बढ़ाने को कहा गया है। ढाबा पर रुकने वाली गाड़ियों पर भी निगरानी रखने का निर्देश विभाग की ओर से दिया गया है।

विभाग ने सभी जिलों और सीमा पर तैनात अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गाड़ियों की जांच के दौरान अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति मिलता है, तो गाड़ी को तुरंत जब्त करें और तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दें। इसके साथ जिला परिवहन पदाधिकारी को इसकी सूचना भेज दें, ताकि आगे की कार्रवाई हो सकें।

पांच बोतल शराब के साथ तीन गिरफ्तार

बिहार के गोपालगंज में शराब के मामले कम नहीं हो रहे हैं। कटेया पुलिस ने रविवार की शाम कटेया-बनकटा पथ पर रानीपुर गांव के पास वाहन जांच के क्रम में उत्तर प्रदेश से पांच बोतल देसी शराब लेकर आ रहे तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार तस्कर थाना क्षेत्र के राजापुर निवासी जीतू पासवान, पटखौली निवासी काशीनाथ पांडेय एवं भोरे थाना क्षेत्र के कल्याणपुर निवासी ज्वाला मंडल हैं। पुलिस ने तीनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर सोमवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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