बिहार में शराबबंदी से पर्यटन को नुकसान? IRCTC अधिकारी ने दी सफाई, कहा- नीतीश से मिलने की बात भी अफवाह

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आईआरसीटीसी के अधिकारी का बिहार में शराबबंदी के चलते पर्यटन को नुकसान होने का दावा करने पर बहस छिड़ गई है। इस बीच IRCTC के पूर्वी क्षेत्र के ग्रुप एमडी जफर आजम ने सोमवार को कहा कि उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। उन्होंने बिहार में शराबबंदी की वजह से विदेशी पर्यटकों की संख्या में कमी आने से जुड़ा कोई बयान नहीं दिया। साथ ही उनकी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने की बात भी अफवाह है। हालांकि, इससे पहले पटना में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जफर ने शराबबंदी की वजह से राज्य में पर्यटन को हो रहे नुकसान के कई पॉइन्ट्स बताए।

जफर आजम ने सोमवार को कहा कि उन्होंने बिहार में शराबबंदी से पर्यटकों की संख्या में कमी आने के संबंध में कोई बयान नहीं दिया है। उनकी बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उनके द्वारा प्रेस कांफ्रेंस में शराबबंदी के चलते विदेशी पर्यटक के घटने या उससे जुड़ा कोई बयान नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि शराबबंदी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने की बात भी अफवाह है। प्रेस कांफ्रेंस में स्वदेश दर्शन (भारत दर्शन) पर्यटन ट्रेन के प्रचार प्रसार के बारे में बातें की गई थीं। स्वदेश दर्शन योजना में अब रेलवे यात्री ईएमआई पर भी देश के प्रमुख पर्यटक स्थलों की सैर कर सकते हैं। मुख्य रूप से स्वदेश दर्शन में शिरडी और पांच ज्योर्तिलिंग के दर्शन करने का मौका है।

पहले क्या बोले IRCTC अधिकारी?

आईआरसीटीसी अधिकारी जफर आजम ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि बिहार में हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख धर्मों के प्रमुख तीर्थ स्थल हैं। यहां ब्रिटिश काल की भी कई इमारतें हैं। विदेशी पर्यटकों के लिए बिहार एक प्रमुख टूरिस्ट प्लेस है। बिहार सरकार अगर चाहे तो पर्यटन से हजारों करोड़ों डॉलर कमा सकती है। हम जैसे पानी पीते हैं वैसे विदेशी पर्यटक वो (शराब) पीते हैं। अगर आप चाहते हैं कि विदेशी मुद्रा आए तो उनके हिसाब से खाने-पीने की आजादी देनी होगी। नहीं तो वे बिहार क्यों आएंगे। विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सरकार को कुछ करना होगा।

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