बिहार में रैयत किसान 150 क्विंटल और बटाइदार 50 क्विंटल बेच सकेंगे गेहूं, दो हजार से अधिक मिलेगा रेट

जानकारी

20 अप्रैल से प्रदेश में 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की सरकारी खरीद होगी। पैक्स और व्यापार मंडल में रैयती किसान अधिकतम 150 क्विंटल और बटाइदार 50 क्विंटल गेहूं बेच सकेंगे। बिहार सरकार के खाद्य सचिव विनय कुमार ने इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश दिया है। पैक्सों को आगाह किया गया है कि किसानों या बटाइदारों की गेहूं खरीद में अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा होने पर पैक्स के साथ संबंधित पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

खरीद की निगरानी करेंगे अफसर 

खाद्य सचिव विनय कुमार के मुताबिक राज्य में कृषि विभाग से निबंधित किसानों से गेहूं की खरीद पर जिलाधिकारी से लेकर जिला सहकारिता पदाधिकारी तक निगाह रखेंगे। इसके लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और सहकारिता विभाग द्वारा सभी 38 जिलों को दिशा-निर्देश जारी किया गया है। सरकार ने गेहूं के अतिरिक्त चना और मसूर की खरीद की व्यवस्था भी क्रय केंद्रों पर की है।

खाद्य सचिव विनय कुमार ने सभी क्रय केंद्रों को दी हिदायत

– किसानों या बटाइदारों की गेहूं खरीद में किसी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं

– खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और सहकारिता विभाग ने जारी किया निर्देश

दो साल में गेहूं की कीमतों में 90 रुपये की बढ़ोतरी 

दो वर्षों में गेहूं की कीमतों में 90 रुपये प्रति क्विंटल वृद्धि की गई है। 2020-21 में न्यूनतम समर्थन मूल्य 1925 रुपये था, जो 2021-22 में 1975 रुपये हो गया। इस बार 2015 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। राज्य में 31 मई तक 10 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है। इसके लिए 7422 क्रय केंद्र खोल जा रहे हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य 5100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से चना और मसूर की खरीद की जाएगी। राज्य में 13 हजार 342 टन चना और 30 हजार 210 टन मसूर की खरीद का लक्ष्य है। सभी डीएम को गेहूं खरीद की निगरानी करने को कहा गया है।

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