बिहार में मॉनसून जाने के बाद ठनका गिरने से पहले अलर्ट करने वाले हूटर का प्रयोग शुरू

खबरें बिहार की जानकारी

राज्य में वज्रपात यानि ठनका से हो रही मौतों पर लगाम लगाने के लिए अब सरकार नया प्रयोग करने की तैयारी में है। जिसके तहत अब गांवों में हूटर लगाए जाएंगे। जिसकी आवाज के रेंज 5 किमी तक होगी। हूटर की आवाज से लोग अलर्ट हो जाएंगे और सुरक्षित जगह चले जाएंगे। जिससे मौत का जोखिम खत्म हो जाएगा। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने तय किया है कि गांवों में हूटर लगाए जाएं। प्रयोग के तौर पर पटना, गया और औरंगाबाद में हूटर लगाने का काम शुरू किया गया है। ठनका गिरने की आशंका के आधे घंटे पहले हूटर बज जाएगा। इससे खेतों में काम करने वाले किसान भी समझ सकेंगे कि ठनका गिरने वाला है और वे सुरक्षित स्थानों पर चले जाएंगे। मार्च-अप्रैल तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा, ताकि अगले साल बरसात आने से पहले यह काम करने लगे।

अभी तक इंद्रवज्र एप से ठनका गिरने की सूचना 30 मिनट पहले SMS भेजकर दी जा रही है। सवा लाख से अधिक लोगों ने इसे डाउनलोड किया है। लेकिन इसमें परेशानी यह हो रही है कि खेतों में काम करने वाले किसानों के पास मोबाइल उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें यह संदेश नहीं मिल पा रहा। जिससे जानमाल का नुकसान हो रहा था।

वज्रपात से होने वाली मौतें
साल                                       मौत
2018                                      139
2019                                      253
2020                                      443
2021                                      280
सितम्बर 22                             340

वज्रपात से कैसे करें बचाव
बारिश के समय कभी भी खुले मैदान में खड़ा न रहें
सिर के बाल खड़े हो जाएं तो समझें बिजली गिरने वाली है
बिजली के खंभे के नजदीक या पेड़ के नीचे न रहें


बारिश के समय पेड़ के नीचे खड़े होने से परहेज करें

बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण  के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत मिश्र का कहना है कि सरकार की कोशिश है कि वज्रपात से होने वाली मौतों में किसी तरह कमी लाई जाए। इसके लिए हर संभव आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published.