बिहार में मोदी नगर और नीतीश नगर बसाएगी सरकार, जानिए इन मोहल्लों में किनको मिलेगा घर

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बिहार सरकार बेघरों और गरीबों के रहने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम पर नगर बसाएगी। इन कालोनियों में बिजली, पानी, सड़क, बच्चों के खेलने के लिए मैदान (ग्राउंड) समेत तमाम मूलभूत सुविधाएं होंगी। लाभुकों को प्लाटिंग कर यहां भूखंड मुहैया कराया जाएगा। मकानों का निर्माण प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से कराया जाएगा। यह जानकारी राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय ने दी।

इससे पहले विधानसभा सत्र के दौरान एक अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में उन्होंने इसकी घोषणा की थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भूमिहीनों को अलग-अलग स्थान पर तीन से पांच डिसमिल जमीन देने के बजाय प्रखंड से लेकर जिलास्तर तक सुयोग्य स्थान देखकर सरकार इनके लिए एक ही स्थान पर जमीन उपलब्ध कराएगी। इसकी प्लॉटिंग कर सभी योग्य परिवारों को जमीन दे दी जाएगी। मंत्री ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान ऐसे 10 हजार और आगामी तीन वर्ष में 50 हजार परिवारों को ऐसी कॉलोनियां विकसित कर बसाने की योजना है। इसके अलावा जल-जीवन-हरियाली मिशन के तहत जिन परिवारों को बांध, नदी या ऐसे अन्य स्थानों से विस्थापित किया जाएगा, उनके लिए भी ऐसी कॉलोनी बसायी जाएगी। मंत्री ने कहा कि इसकी शुरुआत बहुत जल्द बांका जिला के रजौन प्रखंड से होने जा रही है। यहां आठ एकड़ जमीन को चिह्नित कर लिया गया है और इसे विकसित कराया जा रहा है। इसमें 200 भूमिहीन परिवारों को बसाने की योजना है। इसका नाम मोदी-नीतीश नगर रखा जाएगा। इसका उद्घाटन जल्द होगा।

इस तरह से बनायी जायेगी कॉलोनी

जिस प्रखंड या जिलास्तर पर जितने भूमिहीन परिवार पाए जाएंगे, उसके आधार पर प्रति परिवार तीन डिसमिल के हिसाब से जमीन का रकवा किसी एक स्थान पर चिह्नित किया जाएगा। यह कोशिश रहेगी कि यह स्थान प्रखंड या जिला बाजार से ज्यादा दूरी पर न हो। इसके बाद यहां सभी मूलभूत सुविधाएं विकसित कराकर परिवारों की संख्या के हिसाब से प्लॉटिंग करवा दी जाएगी। इसके बाद इनके लिए आवास का निर्माण प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए कराकर आधुनिक टाउनशिप की तर्ज पर कॉलोनी बसाई जाएगी। अगर जहां कहीं भी सरकारी जमीन कम पड़ेगी, तो सरकार इसके लिए जमीन खरीद कर इन्हें बसाएगी। इस जमीन को संबंधित परिवार कभी किसी को बेच नहीं सकेंगे। यह इनके लिए पुश्तैनी संपत्ति की तरह होगी।

इस तरह रखा जाएगा नाम

अगर किसी प्रखंड या जिला में एक ही कॉलोनी बनेगी, तो वहां इसका नाम दोनों के नाम पर यानी मोदी-नीतीश नगर होगा। अगर इन कॉलोनियों की संख्या दो या इससे ज्यादा होगी, तो दोनों के नाम पर अलग-अलग कॉलोनी बसाई जाएगी।

पहले से बने हैं, वे नहीं होंगे शामिल

इस योजना के तहत पहले से जहां भी ऐसे स्थान या बसावट हैं, वहां यह लागू नहीं होगी। उनके नाम में कोई बदलाव नहीं होगा। यह योजना सिर्फ नई बसावट या कॉलोनी बनने पर ही लागू होगी। पिछले 10 दिनों के दौरान मुजफ्फरपुर, कटिहार, जमुई, भभुआ समेत अन्य स्थानों पर करीब एक हजार भूमिहीन परिवारों को जमीन का पर्चा विभागीय मंत्री ने बांटे हैं। इनके निर्माण पर भी यह योजना लागू होगी।

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