बिहार में मीड डे मिल में मिली खराब चावल की खिचड़ी खाकर 12 बच्चे बीमार, पेट दर्द और उल्टी के बाद बिगड़ी हालत; कई हुए बेहोश

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बिहार की राजधानी पटना के दुल्हिन बाजार प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय, अलीपुर में शनिवार की दोपहर मिड डे मील का भोजन खाने के बाद 12 बच्चे बीमार हो गये। सभी बच्चों को पेट में दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। कई बच्चे बेहोश हो गये। सभी को इलाज के लिए गांव के निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया, लेकिन तीन बच्चों की हालात बिगड़ने लगी तो अभिभावकों ने इलाज के लिए दुल्हिन बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया।

चौथी कक्षा की सोनी कुमारी, वर्षा कुमारी और चांदनी कुमारी अस्पताल में स्लाइन चढ़ाया गया तब जाकर तीनों की हालत सुधरी। शनिवार को मीनू के अनुसार खिचड़ी व चोखा बनाया गया था। खाने के बाद बच्चों को उल्टी व पेट दर्द की शिकायत के बाद शिक्षकों ने छात्रों के परिजनों को इसकी जानकारी दी। परिजन बच्चे का इलाज स्थानीय स्तर पर करवाने लगे। फिलहाल तीन बच्चों की हालत में सुधार है।

मिड डे मील के तहत दिये जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर कई बार पहले भी सवाल उठे हैं। इसके बावजूद भी कोई जांच नहीं की गई। अलीपुर के दर्जनों परिजनों ने बताया कि प्रखंड स्तरीय प्रशासन के साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारी शिकायत के बाद भी जांच नहीं करते हैं। कई प्रधानाध्यापकों ने बताया कि हर बार मध्याह्न भोजन वाला ठेकेदार व समन्वयक अच्छी क्वालिटी के चावल को बेच देते हैं। खराब चावल स्कूल को दिया जाता है।

बीईओ रामविलास रमण ने बताया कि जिला कार्यालय में बैठक में शामिल होने के लिये पटना में थे। मोबाइल बंद होने के कारण सूचना नहीं मिली। सोमवार को जांच के लिये स्कूल जाएंगे। एसडीओ मुकेश कुमार ने बताया कि मध्याह्न भोजन योजना को सभी स्कूलों में गुणवत्ता पूर्वक तरीके से संचालित करने को लेकर बैठक हुई थी। मामले की जांच की जाएगी।

बच्चियों का इलाज कर रहे डॉक्टर ने बताया कि अब सभी खतरे से बाहर हैं। विद्यालय प्राचार्य अभिमन्यु ने बताया कि एजेंसी के द्वारा दी गई चावल की गुणवत्ता खराब थी, खाने के बाद बच्चों पेट में जलन होने लगी। शिकायत पर बच्चों का पीएचसी इलाज के बाद ओआरएस व गैस की दवा दी गई तब जाकर बच्चों की हालत में सुधार हुआ।

 

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