बिहार में किस समय बनाएं खाना? आपदा प्रबंधन ने जारी की एडवाइजरी, लोगों से की यह अपील

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भीषण गर्मी के बीच तेज हवा चलने के कारण अगलगी की आशंका को देखते हुए बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत लोगों को कहा गया है कि वे खाना सुबह नौ बजे के पहले और शाम में छह बजे के बाद ही बनाएं। विशेषकर झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों से अपील की गई है कि वे इस नियम का हर हाल में पालन करें।

प्राधिकरण की ओर से ग्रामीण व शहरी इलाकों के लिए जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि खाना बनाने के दौरान सूती कपड़ा पहनने, रसोई घर के पास मिट्टी या बालू रखने और दो-तीन बाल्टी पानी रखने की भी सलाह दी है। फूस का घर होने पर दीवार पर मिट्टी का लेप लगाने, खाना बनाने के बाद रसोई गैस के रेगुलेटर का नॉब अनिवार्य रूप से बंद करने को कहा गया है।

रसोई गैस से गंध आने पर बिजली उपकरणों को न जलाने और खिड़की-दरवाजा खोलने की अपील की गई है। पूजा-पाठ, हवन आदि का काम तेज व गर्म हवा चलने के पहले सुबह में ही निबटाने को कहा गया है। जलती हुई माचिस की तीली, अधजली बीड़ी या सिगरेट इधर-उधर नहीं फेंकने को कहा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर लोग हरे गेहूं या चना को भूनने लगते हैं। तेज हवा चलने पर ऐसा नहीं करने की अपील की गई है।

फसल कटनी के बाद डंठल में आग नहीं लगाने को कहा गया है। इससे वातावरण भी प्रदूषित होगा और अगलगी की आशंका भी बढ़ जाती है। खलिहान में थ्रेसिंग के दौरान भी पिछले वर्ष अगलगी की घटना होती है। इससे बचने के लिए थ्रेसर की तार की जांच करने को कहा गया है। थ्रेसर का मुंह हवा की विपरित दिशा में रखने की सलाह दी गई है। खलिहान में दो-तीन ड्रम पानी रखने की नसीहत दी गई है।

पशुओं को आग से बचाने के लिए जीआई या करकट में रखने की सलाह दी गई है। तेज हवा चलने पर बिजली के लूज तार के टकराने से अगलगी की घटना होती है। ऐसी स्थिति में बिजली कंपनी के स्थानीय अधिकारियों को इसकी सूचना देने को कहा गया है। अगलगी होने पर फायर ब्रिगेड को 101 नंबर पर सूचना देने की अपील की गई है। दमकल के लिए पानी की उचित व्यवस्था रखने की अपील लोगों से की गई है। सार्वजनिक स्थलों, ट्रेनों या बसों में ज्वलनशील पदार्थ लेकर नहीं चलने की अपील की गई है

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