बिहार में जल्द होगी पुलिसकर्मियों की भर्ती, अब प्रति लाख आबादी पर तैनात होंगे 160 पुलिस बल, सीएम नीतीश ने दिया पद सृजन का आदेश

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बिहार में प्रति एक लाख की आबादी पर 150 से 160 पुलिस बल की तैनाती होगी। इस दिशा में तेजी से काम करने का निर्देश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पदाधिकारियों को दिया है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को एक अणे मार्ग में पुलिस आधुनिकीकरण से संबंधित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की और कई निर्देश पदाधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि वर्ष 2014 में प्रति एक लाख की आबादी पर 115 पुलिसकर्मियों की तैनाती का निर्णय हमलोगों ने लिया था, जिसे अब बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए सेवानिवृत्त हो रहे पुलिसकर्मियों के खाली पदों को भरने के अलावा पुलिस बल में जरूरत के मुताबिक नये पदों का भी सृजन करें। साथ ही पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण की क्षमता का और अधिक विस्तार हो, इसे सुनिश्चित करें। इसको लेकर भी तेजी से काम करें।

उन्होंने कहा कि अपराध को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल में बहाली और ट्रेनिंग काफी महत्वपूर्ण है। इसलिए इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोगों की सहूलियत के लिए ऑनलाइन सुविधा देना जरूरी है किंतु इसके साथ-साथ उसकी हार्ड कॉपी भी जरूर रखें। अपर पुलिस महानिदेशक (आधुनिकीकरण) कमल किशोर सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माधयम से पुलिस मॉडर्नाइजेशन स्कीम, ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, पुलिस केंद्र हेतु भूमि एवं भवन की अद्यतन स्थिति, मॉडर्नाइजेशन ऑफ पुलिस फोर्स प्लान, थानों में वाहनों की स्थिति, मेल/फीमेल बैरक बेड की अद्यतन स्थिति, इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल, डिजास्टर रिकवरी सेंटर, ऑनलाइन चरित्र प्रमाण-पत्र की सुविधा, थानों में आगंतुक कक्ष, महिला शौचालय एवं स्नानागार के निर्माण आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्राधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, डीजीपी एसके सिंघल, अपर मुख्य सचिव गृह चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एस सिद्घार्थ, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक विनय कुमार, सचिव गृह जितेंद्र श्रीवास्तव, अपर पुलिस महानिदेशक शोभा अहोतकर सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

अपराधियों को त्वरित सजा दिलाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय कानून के तहत बिहार में कानून का राज कायम रखने के लिए पुलिस की कार्य संस्कृति को दो हिस्सों (अनुसंधान एवं कानून व्यवस्था) में बांटा गया। उन्होंने निर्देश दिया कि अनुसंधान का काम 60 दिनों के अंदर सुनिश्चित हो, ताकि ट्रायल चलाकर अपराधियों को त्वरित सजा दिलाई जा सके। सभी थानों को यथाशीघ्र अपना भवन उपलब्ध हो और उसमें महिला शौचालय एवं स्नानागार की सुविधा भी हो। इस काम को इमरजेंसी प्रोविजन में रखते हुए व्यवस्था उपलब्ध करायें। खपरैल की छतों वाले थाना भवनों की जगह अच्छे भवन बनवाएं।

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