बिहार में जल्द बनेगा नदियों के प्रवाह का अध्ययन केंद्र, बार-बार पुणे जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत; पढ़ें इसके फायदे

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नदियों से जुड़े डाटा एकत्र कर उनके जल संचयन और प्रवाह क्षमता आदि का अध्ययन करने वाला देश का दूसरा केंद्र बिहार में जल्द अस्तित्व में आएगा। सुपौल जिले के वीरपुर में बिहार कोसी बेसिन विकास परियोजना के तहत निर्माणाधीन इस भौतिक प्रतिमान केंद्र (फिजिकल मॉडलिंग सेंटर) का निरीक्षण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को किया और कई निर्देश पदाधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री को इस दौरान पदाधिकारियों ने बताया कि दिसंबर तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि केंद्र का निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि यह जब बनकर तैयार होगा तो अपने आप में विशिष्ट होगा। भौतिक प्रतिमान केंद्र के शुरू होने से बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई की योजनाओं के लिए नदियों से जुड़े जरूरी अध्ययन को कम समय में पूरा किया जा सकेगा। अब इसके लिए पुणे जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे होने वाले खर्च में भी बचत होगी। यहां नदियों के हाइड्रोलिक गुणों का अध्ययन किए जाने से बिहार के साथ-साथ दूसरे राज्यों को भी फायदा होगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता (फ्लड), वीरपुर ने डाइग्राम के माध्यम से निर्माणाधीन कैंपस प्लान की जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि आपकी परिकल्पना के अनुरूप बिहार के परिप्रेक्ष्य में जल संसाधन के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से यहां उच्च कोटि के भौतिक प्रतिमान केंद्र  की स्थापना की जा रही है। नदियों के हाइड्रोलिक गुणों के अध्ययन के लिए यह पुणे के सेंटर वाटर एंड पावर रिसर्च स्टेशन के बाद भारत का दूसरा संस्थान होगा। इसके माध्यम से बाढ़ आने से 72 घंटे पहले सूचना मिल जाएगी।

109 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण

जल विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में इस तरह का उन्नत संस्थान दुनिया के गिने-चुने देशों में ही है। 108 करोड़ 93 लाख की लागत से इस केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। शुरू में यहां कोसी नदी से संबंधित अध्ययन किया जाएगा। लेकिन, बाद में बिहार एवं पड़ोसी राज्यों की अन्य नदियों से जुड़े डाटा एकत्र कर उनके जल संचयन और प्रवाह क्षमता आदि की जानकारी भी जुटाई जाएगी। इस केंद्र में कोसी नदी का भौतिक प्रतिमान, कोसी बराज का प्रतिमान मुख्य रूप से रहेगा। साथ ही बिहार के अन्य नदियों के लिए चार अदद मॉडल ट्रे का निर्माण किया जा रहा है, जिससे अन्य सभी नदियों की भी मॉडलिंग कार्य किया जा सकेगा।

कोसी तटबंध का भी किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने पूर्वी कोसी तटबंध के पुनर्स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि स्पर का सुरक्षात्मक एवं पुनर्स्थापना कार्य पीवीसी कोटेड गैबियन बक्स में बोल्डर डालकर किया जा रहा है, ताकि तटबंध सुरक्षित रहे। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री नीरज कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल, कोसी प्रमंडल के आयुक्त गोरखनाथ, कोसी क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक शिवदीप लांडे, सुपौल के जिलाधिकारी कौशल कुमार, पुलिस अधीक्षक अमरकेश डी सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे।

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