बिहार में इन लोगों के राशन कार्ड किए जा रहे हैं रद्द, कहीं आपका नाम भी तो नहीं है शामिल

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अपात्र होने के बावजूद राशन कार्ड का लाभ ले रहे लोगों के खिलाफ विभाग सख्त हो गया है। जिलेभर में अभियान चलाकर अब तक 1824 अपात्र राशन कार्ड रद्द कर दिया गया है। इसमें 1083 ऐसे परिवार भी शामिल हैं जिन्होंने विभागीय चेतावनी के बाद अपना राशन कार्ड सरेंडर किया है। 342 राशन कार्ड अब भी रद्द करने की प्रक्रिया में है।

विभागीय आंकड़ों की मानें तो पिछले कई सालों से जिलेभर में हर महीने 1824 परिवार के 6640 ऐसे लोगों को राशन दिया जा रहा था जो कहीं से भी इसके योग्य नहीं है। इसमें कई ऐसे परिवार भी शामिल थे जिसके घर में एक या इससे अधिक लोगों के पास सरकारी नौकरी थी। हालांकि ससमय कार्ड सरेंडर कर देने की वजह से वह सभी कार्रवाई के घेरे से बाहर है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जांच अभियान समाप्ति के बाद सभी अपात्र लाभुकों को योजना से बाहर कर दिया जाएगा। इसके बाद ऐसे लोगों को ही योजना का लाभ मिलेगा जो योजना के शर्तों पर पालन करेंगे।

त्रिवेणीगंज अनुमंडल में सबसे अधिक 1036 राशन कार्ड रद्द: जिलेभर में रद्द हुए राशन कार्ड में सबसे अधिक त्रिवेणीगंज अनुमंडल के अपात्र लाभुक शामिल हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार त्रिवेणीगंज में सबसे अधिक 1036 राशन कार्ड रद्द किया गया है। 28 राशन कार्ड की रद्द होने की प्रक्रिया में है। सुपौल अनुमंडल में 402 राशन कार्ड को रद्द किया गया तो 62 राशन कार्ड और भी रद्द किया जा सकता है। वीरपुर अनुमंडल में 156 राशन कार्ड रद्द हुआ है तो इतने ही राशन कार्ड को रद्द करने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। इसी तरह निर्मली अनुमंडल में 230 राशन कार्ड रद्द किया गया है। 96 राशन कार्ड को रद्द करने की कार्रवाई की जा रही है।

जिला आपूर्ति पदाधिकारी वसीम रजा ने बताया कि करदाता और सरकारी नौकरी वाले लोग राशन कार्ड का लाभ नहीं ले सकते हैं। इसके अलावा योजना में कई अन्य शर्तें भी निर्धारित है। ऐसे लाभुक जो योजना के योग्य नहीं है, उनका राशन कार्ड रद्द किया जाएगा।

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