बिहार में दाल उत्‍पादक किसानों को सरकार से मायूसी, बाजार भाव से भी कम है समर्थन मूल्‍य

जानकारी

बिहार में दलहन की सबसे ज्यादा पैदावार पटना और आसपास के पांच जिलों में होती है। टाल और दियारा इलाके में दलहन के अलावा कोई अन्य फसल नहीं होती। दाल पर ही यहां के किसानों की अर्थव्यवस्था टिकी है। बाजार से कम सरकारी समर्थन मूल्य निर्धारित होने के कारण किसान इस बार दाल खुले बाजार में बेचेंगे। पटना जिले में करीब 1.46 लाख हेक्टेयर टाल और दियारा क्षेत्र में करीब 40 हजार मिट्रिक टन से अधिक दलहन उत्पादन की संभावना है। हालांकि सरकार ने यहां से समर्थन मूल्य पर महज 5500 एमटी ही क्रय का लक्ष्य रखा है।

बीते साल बाजार में दलहन की फसलों का समर्थन मूल्य से बाजार में इनके मूल्य से कम था। इसके चलते सरकारी क्रय केंद्रों पर किसान नहीं पहुंचे थे। इस वर्ष भी यही स्थिति बनी हुई है। सरकार ने चना का समर्थन मूल्य 5230 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। बाजार में चने का दाम 55 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम है। मसूर की कीमत में कुछ ज्यादा ही अंतर है। सरकार ने किसानों से 5500 रुपये क्विंटल की दर से क्रय करने का निर्णय लिया है जबकि बाजार में मसूर की कीतम 80 रुपये और दाल 90 रुपए पार कर गई है।

गंगा का जलस्तर बढऩे से नुकसान 

पटना सहित अन्य जिले के टाल दियारा क्षेत्र में इस बार गंगा का पानी देर से निकला जिसके कारण चना, मसूर और मटर की फसल लगाने में विलंब हुआ। देर से फूल और फलन के कारण कीटों का प्रकोप भी रहा। मार्च में सामान्य से अधिक तापमान के कारण दाना पुष्ट होने के लिए अनुकूल वातावरण भी नहीं मिला।

दलहन उत्पादक क्षेत्र एक नजर में 

  • जिला  – पटना, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर और भागलपुर
  • टाल-दियारा वाले प्रखंडों की संख्या – 32
  • टाल-दियारा का भौगोलिक क्षेत्र –  515594 हेक्टेयर
  • टाल-दियारा क्षेत्र में कृषि योग्य भूमि – 416079 हेक्टेयर
  • केवल दलहन फसल योग्य भूमि    – 147792 हेक्टेयर
  • पटना जिले में चना-मसूर उत्पादन अनुमान – 41000 एमटी
  • सरकारी समर्थन मूल्य पर क्रय लक्ष्य – 5500 एमटी
  • चना का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल  – 5230 रुपये
  • बाजार में चना दाल  प्रति क्विंटल    – 6500 रुपये
  • मसूर का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल  – 5500 रुपये
  • बाजार में मसूर दाल प्रति क्विंटल    – 8200 रुपये

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