बिहार में बिजली संकटः आपूर्ति में 12 सौ मेगावाट कमी से आठ से दस घंटे अंधेरे में रहे बिहार वासी

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बिहार में बिजली संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को केंद्रीय सेक्टर से 12 सौ मेगावाट कम बिजली मिलने के कारण राज्य में बिजली की भारी किल्लत रही। शहर से लेकर गांव तक घंटों बिजली गुल रही। इस कारण लोगों को आठ से दस घंटे तक अंधेरे में रहना पड़ा।

जानकारी के अनुसार एनटीपीसी की चार इकाई पहले से ही शेड्यूल मेंटेनेंस के कारण बंद है। जबकि बाढ़ की यूनिट संख्या पांच शाम में ट्यूब लिकेज के कारण बंद हो गई। इस कारण बिहार को केंद्रीय सेक्टर से बमुश्किल 4000 मेगावाट ही बिजली मिल सकी। तय कोटा से लगभग 1200 मेगावाट कम बिजली मिलने के कारण कंपनी ने खुले बाजार से बिजली लेने की कोशिश की। लेकिन खुले बाजार में भी बिजली की अनुपलब्धता रही। 500 मेगावाट की बोली लगाने पर कंपनी को मात्र 250 मेगावाट ही बिजली मिली। इस कारण 1000 मेगावाट से अधिक की किल्लत बनी रही।

कम बिजली मिलने के कारण राज्य के दर्जनों ग्रिड को लोडशेडिंग में रखना पड़ा। शहरी इलाकों की तुलना में गांवों में अधिक बिजली कटौती की गई। गांवों में मुश्किल से 16 घंटे बिजली आपूर्ति हो सकी। शहरी इलाकों में कंपनी ने 20 घंटे से अधिक बिजली देने का दावा किया। एनटीपीसी के प्रवक्ता विश्वनाथ चंदन के अनुसार बाढ़ की यूनिट संख्या एक का मेंटेनेस हो चुका है और यह चालू होने की प्रक्रिया में है। गुरुवार से उत्पादन शुरू हो जाएगा। जबकि बाढ़ की यूनिट संख्या पांच की तकनीकी खराबी को एक दिन में दुरुस्त कर लिया जाएगा। शुक्रवार से वह यूनिट चालू होने से बिहार को आवंटन के अनुरूप बिजली मिलने लगेगी।

बिजली की स्थिति

तिथि        किल्लत
31 अगस्त    1200 मेगावाट
30 अगस्त    1365 मेगावाट
29 अगस्त    687 मेगावाट
28 अगस्त    931 मेगावाट
27 अगस्त    647 मेगावाट
26 अगस्त    1047 मेगावाट

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