बिहार में आज से घर-घर जाति पूछने पहुंचेंगे प्रगणक; एप भी तैयार, जान लीजिए इस दूसरे चरण में क्या-कैसे होगा?

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जाति आधारित गणना का दूसरा चरण शनिवार से विधिवत आरंभ होगा। प्रगणक घर-घर जाति पूछने पहुंचेंगे। जाति आधारित गणना के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने एक एप भी तैयार किया है।

डेढ़ सौ घरों पर एक प्रगणक की व्यवस्था की गई है। प्रगणक को अपनी सुविधा के हिसाब से गणना करनी है। उन्हें यह लक्ष्य नहीं दिया गया है कि एक दिन में इतनी तय संख्या में घरों में जाकर गणना करनी है।

घरों के नंबर पहले से उपलब्ध, उसी के आधार पर काम आगे बढ़ेगा

जाति आधारित गणना के पहले चरण के तहत पूरे बिहार में घरों की नंबरिंग की गई थी। सर्वे के दौरान घरों के आगे नंबर दिए गए थे। घरों के नंबर की इंट्री इस बाबत बनी वेबसाइट और पोर्टल पर अपलोड की गई।

इसका सत्यापन भी कराया गया। प्रगणक के मोबाइल पर एप उपलब्ध है। इसी के आधार पर जाति आधारित गणना का काम चलेगा।

प्रगणक केवल जाति ही नहीं, आर्थिक स्थिति की भी जानकारी लेंगे

जाति आधारित गणना को घर-घर पहुंचे प्रगणक जाति की जानकारी लेंगे। इसे लिखने में उन्हें बहुत अधिक समय नहीं लगे इसके लिए उनके एप पर पहले सभी जातियों के कोड डाले गए हैं।

प्रगणक को जाति पूछकर उससे जुड़े कोड को घर के नंबर के साथ डालना है। इसके आधार पर जाति की गणना हो जाएगी। इसके बाद आर्थिक स्थिति से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।

मसलन घर में कितने लोग नौकरी करते हैं। घर के लोग कौन सा कारोबार करते हैं। घर का कोई सदस्य अगर बिहार से बाहर रहता है तो उसकी जानकारी भी जाति आधारित गणना के दौरान ली जाएगी।

घर में कितनी संख्या में मोबाइल, कंप्यूटर या फिर टीवी आदि है, यह भी जाति आधारित गणना के दौरान पूछा जाएगा। इसी तरह किस घर में कितनी संख्या में वाहन हैं, यह जानकारी भी जुटाई जाएगी।

 

मुख्यालय के स्तर पर एक क्लिक में मालूम होगा कि कितना काम हुआ

राज्य मुख्यालय के स्तर पर ऐसी व्यवस्था की गई है कि एक क्लिक पर उन्हें यह मालूम होगा कि किस प्रखंड में एक दिन में कितनी संख्या में जाति आधारित गणना का काम हुआ। कितने घरों में गणना हुई, इसकी रिपोर्ट उपलब्ध रहेगी।

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