बिहार के ग्रामीण इलाकों में खुलेगी पैथोलोजी लैब, निजी संस्‍थाओं के साथ स्‍वास्‍थ्‍य विभाग करेगा तालमेल

जानकारी

ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को घर के निकट डाक्टरी सलाह की सुविधा के लिए प्रारंभ की गई टेली मेडिसीन सेवा के बाद अब गांव-गांव पैथोलोजी लैब खोलने की कवायद स्वास्थ्य विभाग कर रहा है। पैथोलोजी लैब जन-निजी भागीदारी के तहत खोले जाएंगे। गांवों में पैथोलोजी लैब की स्थापना की घोषणा वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट में की गई है। घोषणा के महज दो महीने के बाद इस दिशा में काम प्रारंभ कर दिया है। राज्य स्वास्थ्य समिति का दायित्व सौंपा गया है।

पीएचसी स्‍तर पर होगा पैथोलाेजी लैब का संचालन 

स्वास्थ्य समिति के सूत्रों ने बताया कि गांवों में पैैथोलोजी लैब की स्थापना के लिए टेंडर की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। समिति की योजना प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक लैब की स्थापना की है। लैब की स्थापना के पूर्व सरकार निजी लैब संचालकों से करार करेगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्तर पर लैब संचालित होंगे, ताकि अस्पताल आने वाले ग्रामीण को स्वास्थ्य केंद्र पर ही पैथ-लैब की सुविधा मिल सके।

  • निजी-जन भागीदारी के तहत गांवों में खुलेंगे पैथोलोजी जांच केंद्र
  • निजी लैब जांच प्रदाता कंपनियों से होगा करार
  • पंचायत स्तर पर कम से एक लैब की स्थापना संभव

कुछ जांच मुफ्त में तो कुछ बाजार से कम कीमत पर 

स्वास्थ्य सूत्रों ने बताया कि सरकार निजी लैब संचालक कंपनियों से करार के दौरान यह पक्ष भी रखा जाएगा कि लैब कुछ जांच मुफ्त और कुछ बाजार से कम दर पर करें। कौन सी जांच मुफ्त होगी, इस पर अभी फैसला होना शेष है। विभाग के अनुसार काम प्रारंभ हो चुका है और दो से तीन महीने के अंदर पंचायत स्तर पर जन-निजी भागीदारी के तहत पैथोलोजी सक्रिय हो जाएंगे।

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