बिहार के शहरों में स्टेट हाईवे पर बनेंगे 15 रेलवे ओवरब्रिज, निर्माण पर खर्च होंगे 700 करोड़ रुपये

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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि बिहार में अब स्टेट हाईवे पर भी विभिन्न शहरों के अंदर 15 नये रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इसके निर्माण पर 700 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। ये निर्माण विभाग की सीआरएम की नई योजना के तहत होंगे। अब तक एनएच पर ही विभाग की ओर से आरओबी के निर्माण की स्वीकृति दी जाती थी।

इसके अलावा राज्य में 1200 करोड़ रुपये की लागत से 17 अन्य आरओबी का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि बिहार की सड़कों के लिए तीन लाख करोड़ रुपये खर्च किये जाने की योजना है। इसमें एक लाख करोड़ रुपये से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण शामिल है। 50 हजार करोड़ की लागत से 18 सौ किमी रिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है।

वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्य में 25 हजार करोड़ रुपये की लागत से चल रहे सड़कों के निर्माण का कार्य पूरा हो जायेगा। गंगा व सोन नदियों पर 25 हजार करोड़ रुपये की लागत से 17 ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। अब तक बिहार की बड़ी नदियों पर जितने ब्रिज बने थे, तकरीबन उतने मोदी सरकार के आठ साल में ही बन गये। इस बात की खुशी है।

बक्सर से वाराणसी फोरलेन के लिए डीपीआर तैयार

गडकरी ने बताया कि बक्सर से वाराणसी फोरलेन का काम भी जल्द शुरू होगा। इस पर 32 सौ करोड़ लागत होगी। इसकी डीपीआर तैयार है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। पटना से शिवाला होकर बिहटा तक बनने वाली एलिवेटेड सड़क पर 45 सौ करोड़ खर्च होंगे। इसकी लंबाई साढ़े 23 किलोमीटर है। पटना से सासाराम तक नई सिक्सलेन सड़क का निर्माण होगा। इस पर 22 सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी सड़क पर सोन में नया पुल बनेगा।

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