बिहार के सरकारी स्कूलों में योजनाओं की पड़ताल करेगा शिक्षा विभाग, निरीक्षण कर अधिकारी भेजेंगे रिपोर्ट

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सूबे के स्कूलों में चल रही सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की पड़ताल के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सरकारी स्कूलों में अफसरों की राज्यस्तरीय टीम स्थल निरीक्षण करेगी। अधिकारियों की टीम स्कूलों में संचालित लाभुक योजनाओं और सरकारी योजनाओं की हालत की पड़ताल करेंगे। मौजूदा शैक्षणिक सत्र के लिए स्वीकृत गतिविधियों का हाल भी जानेंगे। अफसरों की यह टीम जिलों को विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों व निर्माण कार्यों के लिए मिली राशि के समायोजन की स्थिति की भी समीक्षा करेगी। भंडार की व्यवस्था, पंजियों का संधारण की जांच भी की जाएगी।

शिक्षा विभाग के बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने अपने दो-दो अफसरों की 17 टीमों को जिलावार निरीक्षण का दायित्व सौंपा है। किस टीम के जिम्मे किन दो जिलों का प्रभार रहेगा यह भी तय किया गया है। बीईपी के राज्यस्तरीय कार्यालय में कार्यरत इन अफसरों को इसी महीने से हर सप्ताह कम से कम एक दिन जिला भ्रमण करना होगा। राज्य परियोजना पदाधिकारी असंगबा चुबा आओ ने आदेश जारी किया है। टीमें अपनी रिपोर्ट शिक्षा सचिव सह बीईपी निदेशक को सौंपेंगे। बीईपी के जिन अफसरों को निरीक्षण करना है उनमें रविशंकर सिंह, किरण कुमारी, रश्मि रेखा, असगर अली, इम्त्याज आलम, भोला प्रसाद सिंह, प्रभात किशोर,उदय उज्ज्वल, शाहिद गोबिन, प्रह्लाद गुप्ता, विजय तरुण, लालिमा, कुमार अरविंद, रमण कुमार, शंभु प्रसाद समेत तीन दर्जन अधिकारी शामिल हैं।

औचक निरीक्षण में अधिकारी स्कूलों में शिक्षा की गतिविधियों तथा विभिन्न मदों में राज्य से मिली राशि के समायोजन की समीक्षा करेंगे। समावेशी शिक्षा के संसाधन केन्द्र, असैनिक कार्य भी देखेंगे। जिला और प्रखंड शिक्षा कार्यालय की प्रशासकीय एवं प्रबंधकीय व्यवस्था देखेंगे। न्यायालय में लंबित मामलों की भी समीक्षा की जाएगी। न्यायादेशों के अनुपालन की जांच भी की जाएगी।

जारी किये गए आदेश में शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों से कहा है कि राज्य के जिस जिले के जिस विद्यालय में सरकार की लाभुक योजनाओं के दावेदार 75 से अधिक विद्यार्थी होंगे, उनका सत्यापन जिला शिक्षा पदाधिकारी खुद करेंगे या अपने कार्यालय के किसी अधिकारी से कराकर मेधासाफ्ट पर जानकारी अपलोड करेंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार ने गुरुवार को जिलों को एक बार फिर चेतावनी दी है कि योजनाओं का लाभ उन्हीं विद्यार्थी को मिले जिनकी नामांकन की तिथि से 30 सितम्बर तक कक्षा में 75 हाजिरी हो। 60 से 75 उपस्थिति वाले लाभुकों की संख्या का सत्यापन प्रखंड स्तरीय अधिकारी से तथा 75 फीसदी से अधिक लाभुकों की संख्या वाले विद्यालयों का डीईओ स्तर से सत्यापन कराकर ही मेधा सूची में अपलोड कराएं।

 

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