बिहार के रोहतास में ऐसा क्या हुआ कि, आनन- फानन में हॉस्पिटल भागे लोग, अचानक 55 लोगों की बिगड़ी तबियत

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बिहार के रोहतस के एक गांव के लोगों को मंगलवार 9 अगस्त के दिन गांव स्थित नाश्ता कॉर्नर से समोसा और जलेबी खाना महंगा पड़ गया। वहां से नाश्ता करके गए लोगों में से 55 लोगों की तबीयत अचानक से खराब हो गई। सभी बीमार लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, करहगर थाना क्षेत्र के खनेठी गांव में मंगलवार रात 55 लोगों ने गांव की एक दुकान में जलेबी-समोसा खाया था। देर रात ये सभी फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए। सबको आनन-फानन में करहगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां से इन्हें प्राथमिक इलाज के बाद मुख्य हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया गया। अभी इनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। कुछ को बेहतर इलाज के लिए बनारस भी ले जाया गया।

बीमार लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत
नाश्ता करने के बाद सभी लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत है। दरअसल, गांव में नारायण कुशवाहा के नाश्ते की दुकान से सभी ने जलेबी और समोसा खाया था। इसके बाद से ही उनकी हालत खराब होने लगी। बीमार होने पर गांव के लोग सभी को आनन-फानन में इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। जहां पर डॉक्टर ने मरीजों की हालत देखने के बाद फूड प्वाइजनिंग के कारण तबीयत का खराब होना बताया है। हालांकि रिपोर्ट आने के बाद ही प्रॉपर कारण पता चलेगा।

बीमार लोगों में अधिकतर बच्चे, ​​​​​दर्जनों एंबुलेंस से किए गए रेफर


सीएचसी, करहगर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि रात में बड़ी संख्या में फूड प्वाइजनिंग के शिकार लोगों को इलाज के लिए लाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोचस, परसथुआ, दिनारा आदि के स्वास्थ्य केंद्रों से एंबुलेंस बुलाया गया। इनकी स्थिति गंभीर थी। उन्हें प्राथमिक चिकित्सा के बाद रेफर कर दिया गया। पुलिस के वाहन से कुछ मरीजों को रेफर किया गया। उल्टी-दस्त के अलावा चक्कर मिचली, हाथ-पैर सुन्न होना की शिकायतें थी। फूड प्वाइजनिंग से बीमार हुए लोगों में अधिकांश बच्चे हैं। महिलाएं और युवा भी शामिल हैं।

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