बिहार के बाद झारखंड में भी शराब पर सख्तीः एक-एक बोतल का ऐसे रखा जाएगा हिंसाब, बिहार में नहीं आ सकेगी झारखंड की शराब

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झारखंड में देसी-विदेशी शराब की अवैध तस्करी व चोरी रोकने के लिए बड़ी कवायद की गई है। अब हर तरह की मदिरा की एक-एक बोतल की ट्रैकिंग हो पाएगी। राज्य सरकार के उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मुताबिक, दुकानों तक पहुंचने वाली शराब और बीयर अवैध तरीके से ढाबों-होटलों में न बेची जा सके, इसके लिए उत्पाद, वितरण, बिक्री तक की निगरानी की व्यवस्था की गई है

राज्य सरकार ने प्रत्येक बोतल, केन पर सिक्योरिटी होलोग्राम लगाने का काम एक निजी कंपनी को दिया है। निजी कंपनी प्रत्येक बोतल पर सिक्योरिटी होलोग्राम लगाएगी। इस तरह अगर कहीं किसी ढाबे, होटल या किसी भी अन्य जगह से शराब की बरामदगी होती है तो होलोग्राम के जरिए यह जाना जा सकेगा कि उस बोतल या केन का उत्पादन कहां से हुआ, वितरण किसके द्वारा की जानी थी व बिक्री किसे की गई थी।

अवैध शराब के निर्माण के लिए जंगल की कटाई

झारखंड में अवैध चुलाई शराब के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई का मामला भी सामने आया है। हालिया विधानसभा सत्र में बरही विधायक उमाशंकर अकेला ने जंगलों की कटाई का मुद्दा उठाया था। इस मामले में सरकार ने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से जानकारी मांगी थी। वन विभाग ने जानकारी दी है कि हजारीबाग के चौपारण की भगहर पंचायत स्थित जंगल से अवैध कटाई का मामला सामने आया है। साल 2019 से 2022 तक 33 आरोपियों के खिलाफ 12 वनवाद दायर होने की जानकारी सरकार को दी गई है।

बिहार तक हो रही अवैध शराब की सप्लाई

उत्पाद विभाग ने स्वीकार किया है कि बिहार के सीमा से नजदीक होने के कारण अवैध शराब की बिहार में सप्लाई हो रही है। विभाग ने दावा किया है कि अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाती है। इस संबंध में हजारीबाग में ही अबतक 208 अभियोग दर्ज किए गए हैं। वहीं, पांच लोगों को जेल भेजा गया है जबकि 203 लोग अबतक फरार हैं। बिहार में झारखंड की शराब नहीं पहुंचे इसके लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।

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