बिहार के 14 जिलों में हीट वेव का अलर्ट, बाहर निकलने से पहले रहें सतर्क

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पछुआ के प्रवाह से लगातार दूसरे दिन भी दक्षिण बिहार के अधिकतर जिले लू की चपेट में रहे। धूलभरी तेज हवा से प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गया है। रविवार को पटना सहित दक्षिण और पूर्वी बिहार के 17 जिलों में अधिकतम पारा 40 के पार चला गया। वहीं, पटना, बांका, सीवान, शेखपुरा, बक्सर और पश्चिमी चंपारण में हीट वेव की स्थिति रही।

अगले दो दिनों तक राज्य के अधिकतर हिस्से लू की चपेट में रहेंगे। इन जिलों में प्रचंड ताप की स्थिति रह सकती है। रविवार को पछुआ की रफ्तार 15 से 20 किमी रही, जबकि हवा के झोंके 25 से 35 किमी प्रतिघंटे के बीच रहे।  उत्तर बिहार में मौसम की सामान्य स्थिति बनी हुई है। पारा सामान्य के आसपास या दो डिग्री ऊपर है, जबकि दक्षिण बिहार में अधिकतम तापमान तीन से पांच डिग्री ऊपर बना हुआ है।

बांका सबसे गर्म, अधिकतम पारा 42.8 डिग्री

राज्य में रविवार को सबसे गर्म बांका रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बक्सर में 42.5 डिग्री, शेखपुरा में 42.4 डिग्री, सीवान में 42 डिग्री, पटना में 42 डिग्री जबकि पश्चिमी चंपारण में 40.9 डिग्री अधिकतम तापमान के साथ हीट वेव की स्थिति रही। बक्सर के अधिकतम तापमान में दशमलव अंकों की गिरावट आई है।

इन जिलों में भी 40 डिग्री पार रहा पारा

गया में 41.4 डिग्री, भागलपुर में 40.9 डिग्री, छपरा में 40.8 डिग्री, जमुई में 42.3 डिग्री, वैशाली में 40 डिग्री, औरंगाबाद में 41.6 डिग्री, बेगूसराय में 40.6 डिग्री, खगड़िया में 41.4 डिग्री, नवादा में 41.8 डिग्री, नालंदा में 41.5 डिग्री जबकि सहरसा में 40.1 डिग्री अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

अभी दो दिन झेलना होगा लू का कहर

मौसमविदों का कहना है कि फिर से दक्षिण बिहार में पछुआ का मजबूत प्रभाव बढ़ गया है, जिससे भीषण गर्मी की स्थिति बनी हैं। अगले दो तीन दिनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी। राज्य के 14 जिलों में 25 और 26 अप्रैल को लू और उष्ण लहर की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में पटना, बक्सर, कैमूर, रोहतास, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, गया, नवादा, औरंगाबाद, शेखपुरा, जमुई और बांका शामिल हैं। इन जिलों में लोगों की दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खूब पानी पीने और तरल पदार्थ का सेवन बढ़ाने की अपील की है।

फिलहाल बारिश के संकेत नहीं

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक अगले तीन दिनों में बारिश के आसार नहीं है। पछुआ का प्रवाह कम होने पर कुछ शहरों में 28 अप्रैल के बाद अधिकतम तापमान में गिरावट आ सकती है। पुरवा का प्रवाह बढ़ने और उत्तर बिहार की ओर बारिश की स्थिति बनने के बाद दक्षिण बिहार के शहरों को ताप से आंशिक राहत मिल सकती है। हालांकि, मौसमी परिस्थितियां फिलहाल कोई ऐसा संकेत नहीं दे रही हैं।

इसी साल 17 अप्रैल को ऐसा रहा था पारा

इसी महीने 17 तारीख को राज्य में अधिकतम पारे ने रिकॉर्ड बनाया था, जब बक्सर में अधिकतम तापमान 46.7 डिग्री, बांका और शेखपुरा 44 डिग्री, जमुई और भोजपुर में 43.2 डिग्री, औरंगाबाद में 42.9 डिग्री, गया में 42.9, भागलपुर में में 41.2 डिग्री, सुपौल में 40.2 डिग्री, पूर्वी चंपारण में 40.4 डिग्री, पश्चिमी चंपारण के माधोपुर में 41.2 डिग्री, वैशाली में 41.2 डिग्री, खगड़िया 42.3 डिग्री, नालंदा में 42.8 डिग्री, नवादा में 43.6 डिग्री, सीवान में 42.4 डिग्री, सीतामढ़ी में 40 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया था। 17 अप्रैल को पटना सहित कुल 14 जिलों में हीट वेव की स्थिति रही थी।

बाहर निकलने से पहले रहें सतर्क

मौसम और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। पीएमसीएच के वरीय चिकित्सक डॉ. एमपी सिंह ने सलाह दी कि बाहर निकलने से पहले खूब पानी पीएं। ताजा भोजन करें। एसी से अचानक बाहर नहीं निकलें। बाजार के खाने से परहेज करें।

पटना सबसे प्रदूषित शहर

तेज पछुआ ने राज्य की हवा को भी प्रदूषित कर दिया है। रविवार को पटना देश के 129 शहरों में सबसे प्रदूषित रहा। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार पटना दिल्ली से भी ज्यादा प्रदूषित है। रविवार शाम पांच जारी रिपोर्ट के अनुसार पटना का वायु गुणवत्ता सूचकांक 365 पाया गया है। दूसरे स्थान पर रहे मुंगेर का 358 और तीसरे स्थान पर 342 वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ सिंगरौली रहा। दिल्ली का सूचकांक 261 रहा। बिहार के अन्य शहरों में मुजफ्फरपुर का 332, बिहारशरीफ का 309 और हाजीपुर का 290 रहा।

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