बिहार : अगवा डॉक्टर बंगाल से बरामद, बोले- कटिहार पुलिस के कारण बची जान

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कटिहार, प्रतिनिधि : बीती देर रात होमियोपैथी चिकित्सक डॉ नवल चंद्र घोष व उसके एक सहयोगी मिथलेश पासवान तथा दोस्त परमानंद पांडे को पुलिस ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिला के मोथावाड़ी से बरामद कर कटिहार पुलिस कार्यालय पहुंचे. जहां एसपी डॉ सिद्धार्थ ने प्रेस वार्ता कर उसकी सकुशल बरामदगी की जानकारी दी. कटिहार पहुंचे होमियोपैथी चिकित्सक एनसी घोष, सहित उनके दोस्तों ने बताया कि कटिहार पुलिस की बदौलत वह सभी जिंदा है.

जबकि डॉक्टर अपनी बात तक नहीं रख पा रहे थे. मानों उसमें पुरी दहशत हो, सिर्फ वह इतना ही बता पा रहे थे कि समसी रेलवे स्टेशन पर अपराधियों ने उसे तथा उसके दोस्त को स्प्रे सुंघा कर बेहोश कर दिया. होश में आने पर अपने आप को कमरे में फिर एक जंगलनुमा जगह पर अपने को पाया. चिकित्सक श्री नवल ने कटिहार पुलिस को जिसके लिए साधुवाद भी दिया. हालांकि अपहृता चिकित्सक व परमांनद अपनी अपहृण में गोल मोल जवाब देते आ रहे थे. कभी कहते स्टेशन से तो कभी कोर्ट के पास से अपहृण की बात करते. एसपी ने कहा, अपराधी चिकित्सक के दोस्त को छोड़ चुका था, लेकिन डॉक्टर अपराधी के कब्जे में थे, जिसे पुलिस ने खदेड़ कर बरामद किया.

बंद कमरे में बंधक बनाकर रखा
एसपी ने गुरूवार की देर रात तकरीबन 12 बजे प्रेस वार्ता कर बताया कि बरामद अपहृता के अनुसार वह सभी समसी स्टेशन पर उतरकर दवाई लेने जा रहे थे. जिस क्रम में उसे अपराधियों ने स्प्रे कर उनका अपहृण कर एक बंद कमरे में बंधक बनाकर रखा था उसके बाद जंगलनुमा जगह पर लेकर गये थे. एसपी ने बताया कि अपराधी परमानंद पांडे व मिथलेश को छोड़ दिया था लेकिन, चिकित्सक को उसने बंधक बनाकर रखा था.

बंगाल पुलिस की मदद से किया गया बरामद
डॉक्टर की सूचना पर गठित पुलिस टीम बंगाल पुलिस के मदद से मौथावाड़ी पैट्रोलपंप के पास से परमानंद व मिथिलेश को बरामद किया. तथा चिकित्सक को बंधक बनाकर ले जा रहे अपराधियों की पुलिस ने पीछा किया. अपराधी पुलिस की दविश के कारण डॉक्टर को छोड़ फरार हो गये. फिलहाल पुलिस सभी बिंदु पर जांच कर रही है कि आखिर डॉक्टर के अपहृण में किसका हाथ है. तथा डॉक्टर के बंगाल में होने की सूचना अपराधियों को कैसे मिली. तथा तीन अपहृता में मिथलेश व परमानंद को अपहृकर्ता ने क्यों छोड़ दिया था.

24 घंटे के अंदर मिली कामयाबी
एसपी डॉ सिद्धार्थ मोहन जैन के निर्देश पर गठित टीम ने 24 घंटे के अंदर अपहृता को अपराधियों के चुंगल से छुड़ाकर पश्चिम बंगाल के मालदा जिला के कालिया चौक से कटिहार लेकर पहुंची. टीम में शामिल सहायक थानाध्यक्ष अनुपम कुमार, रोशना ओपी प्रभारी अमृत लाल वर्मन, अवर निरीक्षक अमृत कुमार बुधवार को ही मालदा रवाना हो गयी. इस दरम्यान एसपी मालदा एसपी व डीएम से लगातार कांटेक्ट बनाये हुई थी. मालदा पुलिस के सहयोग से पुलिस ने तीनों अपहृता को बरामद करने में सफलता पायी. हालांकि इस मामले में अबतक किसी की भी गिरफ्तारी नही हुई थी. इस टीम का नेतृत्व नगर थानाध्यक्ष निर्मल कुमार यादवेंदू कर रहे थे.

डॉक्टर की अपहृण फुल प्रुफ प्लान तो नहीं
डॉ नवल का अपहृण फिरौती के लिए नही थी अपितु उसके अपहृण होने में परमानंद के कालिया चौक के लोगों से रुपये की लेनदेन के कारण उन लोगों को बंधक बनाया गया था उक्त बाते एसपी ने कही थी. डॉक्टर व मिथिलेश साथ थे इसलिए उसे भी बंधक बनाकर बकाया तीन लाख रुपये की फिरौती की मांग कह रहे थे. अब अपहृता को बरामद करना कटिहार पुलिस की जिम्मेदारी थी. एसपी के निर्देश पर गठित टीम मालदा कालिया चौक के माथवाड़ा पहुंची तथा मामले को लेकर छापेमारी आरंभ कर दी.

इस दौरान परमांनद व मिथलेश को अपराधियों ने पहले ही छोड़ दिया था. जबकि डॉक्टर को अपराधी बंधक बनाकर रखा था. अब एक सवाल यह उठता है कि जब परमानंद से रुपये की वसुली के लिए उनलोगों को बंधक बनाया गया था तो उन दोनों को अपराधियों ने क्यों छोड़ दिया. क्या परमानंद के परिजन अपराधी को बकाया राशि पहुंचा आये. अगर उन्हें रुपया मिल गया तो चिकित्सक को उसने क्यों नही छोड़ा या फिर यह पूरी योजना चिकित्सक की अपहृण की थी. जबकि परमानंद पांडे पर पुलिस को आंरभ से ही शक था. तथा उसके दोस्त भरत ने भी उसके बारे में कई खुलासे किये है. जैसे वह शहर के दर्जनों लोगों से कर्ज ले चुका है.

बंगाल में भी उसके बकाये राशि पर ही उसे बंधक बनाने की बात सामने आ रही थी. अब सवाल यह उठता है कि इन कर्ज से निबटारे के लिए तो कोई सुनियोजित फुल प्रुफ प्लान तो परमांनद का नही था. फिलहाल पुलिस सभी बिंदु पर जांच कर रही है.

क्या है मामला
बताते चले कि बीते मंगलवार की सुबह तेजा टोला निवासी होमियोपैथी चिकित्सक डॉ एन सी घोष, अपने सहयोगी मिड़चाई बाड़ी निवासी मिथलेश पासवान तथा रेल कर्मी परमानंद के साथ सुबह की मालदा पैसेंजर पकड़कर मालदा के लिए रवाना हुए. इस दौरान मिथिलेश की पत्नी से समसी स्टेशन तक बात हुई थी. डॉ को भी अपनी पत्नी से बात हुई थी. एक बजे के बाद उन सभी का फोन स्वीच्ड ऑफ आ रहा था. मंगलवार की रात मिथलेश के मोबाइल से डॉक्टर ने अपनी पत्नी नंदनी को पांच लाख रुपये व्यवस्था करने को कहा अन्यथा अपराधी उसे जान से मार डालने की बात कही थी.

उस नंबर से पुन: किसी अपराधी ने बुधवार शाम सात बजे तक पांच लाख रुपये समसी स्टेशन पर लाने की बात कही कहकर फोन काट दिया था. घटना को लेकर नंदनी सहायक थाना पहुंची व घटना बाबत स्थानीय थाना में अपहृण का प्राथमिकी दर्ज कराते हुए अपने पति की बरामदगी की गुहार लगाने लगी. सहायक थानाध्यक्ष ने इस बात की जानकारी कटिहार एसपी को दी.

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