बिहार सरकार ने बढ़ाई जमीन खरीदने-बेचने वालों की मुसीबत

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पटना: कल हुई कैबिनेट की बैठक में रेरा को अनिवार्य कर दिया गया. इस नियम के तहत चार कट्ठा से अधिक प्लॉट या आठ फ्लैट से अधिक के किसी प्रोजेक्ट से जुड़े जमीन-फ्लैट की बगैर रेरा नंबर के रजिस्ट्री नहीं होगी. यह नियम नये प्राेजेक्ट के साथ ही सभी चालू प्रोजेक्ट पर लागू होगा.

एक मई 2017 तक कंपलीशन सर्टिफिकेट नहीं प्राप्त करने वाले सभी चालू प्रोजेक्ट इस नियम के दायरे में आयेंगे. निबंधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कैबिनेट की मंजूरी के बाद जल्द ही इस आशय का गजट निकाला जायेगा और सर्कुलर जारी कर सभी निबंधन कार्यालयों को बगैर रेरा नंबर ऐसे प्रोजेक्टों की रजिस्ट्री नहीं करने की ताकीद की जायेगी.

मालूम हो कि कई गैर पेशेवर बिल्डर रेरा जुर्माना सहित रजिस्ट्रेशन से बचने के लिए बगैर कंरेरा लागु होने के पलीशन सर्टिफिकेट लिये आनन-फानन में अधूरे प्रोजेक्ट की रजिस्ट्री करा कर ग्राहकों को सौंप दे रहे थे. इससे ग्राहकों को पूरे पैसे देने के बावजूद अधूरा निर्माण ही हासिल हो रहा था. उनका प्रोजेक्ट रेरा निबंधित नहीं होने की वजह से इसके नियम-कानून के दायरे में भी नहीं आ रहा था.

राज्य सरकार का नया नियम ग्राहकों को फ्रॉडगिरी से बचायेगा. रेरा अध्यक्ष अफजल अमानुल्लाह ने अप्रैल महीने में ही निबंधन विभाग के प्रधान सचिव और महानिरीक्षक को पत्र लिख कर ऐसी रजिस्ट्री पर रोक लगाने की मांग रखी थी. रिमाइंडर के बाद उनकी इस मांग को निबंधन विभाग कैबिनेट में ले गया, जहां पर शुक्रवार को उसे मंजूरी दी गयी.

Source: DBN News

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