बिहार के मार्गों पर बिहार सरकार चलाएगी नयी बसें, अब पुराने बसों से मिलेगा छुटकारा

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पटना: राज्य में आनेवाले दिनों में लोगों को आने-जाने में सुविधा होगी। लोगों को सफर के लिए खटारा नहीं अच्छी-अच्छी बसें मिलेंगी। राज्य सरकार ने पांच हजार मार्गों की पहचान की है, जिस पर बसों का परिचालन संभव है। नौ क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के तहत कम व लंबी दूरी के मार्ग शामिल हैं।

 

इन मार्गों पर बसों के परिचालन के लिए परमिट निर्गत किया जा सकता है। परिवहन विभाग इस संबंध में शीघ्र अधिसूचना जारी करेगी। बसों के परिचालन शुरू होने से अब यात्रियों की सुविधा बढ़ने के साथ छोटे कॉमर्शियल वाहन, टैक्सी, ऑटो आदि से राहत मिलेगी। सफर आरामदायक होगा। राज्य के अंदर अंतरक्षेत्रीय मार्गों पर परमिट देने के लिए मोटर वाहन अधिनियम का निर्धारण किया जाना है।परिवहन विभाग ने पांच हजार मार्गों की पहचान की है। विभाग ने प्रस्तावित मार्गों को लेकर ट्रांसपोर्टरों से आपत्ति व सुझाव मिलने के बाद मार्गों को लेकर कार्रवाई की है।

ट्रांसपोर्टरों से मांगे गये थे सुझाव परिवहन विभाग ने मोटर यान अधिनियम 1988 के तहत राज्य के अंतरक्षेत्रीय मार्गों के निर्धारण के क्रम में 133 मार्गों को चिह्नित किया। इसमें 94 राष्ट्रीयकृत मार्ग 40 किलोमीटर से अधिक दूरी के व 39 राष्ट्रीयकृत मार्ग 40 किलोमीटर से कम दूरी के हैं। इन प्रस्तावित मार्गों को लेकर विभाग ने आपत्ति व सुझाव मांगे थे। मिली जानकारी के अनुसार ट्रांसपोर्टरों ने पहले सभी मार्गों को चिह्नित करने का सुझाव दिया। सुझाव में कहा गया कि मार्गों के चिह्नित करने के बाद राष्ट्रीयकृत मार्ग को अलग किया जाये। राज्य भर के 150 ट्रांसपोर्टरों ने अपने सुझाव दिये।

राष्ट्रीयकृत मार्गों पर सरकारी बसों के चलने की मान्यता अभी सरकार ने 40 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले राष्ट्रीयकृत मार्ग पर केवल सरकारी बसों को चलने की छूट दी है। 40 किलोमीटर से अधिक दूरी के 94 राष्ट्रीयकृत मार्ग राज्य में अभी हैं। 39 राष्ट्रीयकृत मार्ग 40 किलोमीटर से कम हैं। जिस पर प्राइवेट बसों के चलने की अनुमति है। इसके बावजूद 40 किलोमीटर से अधिक दूरी के राष्ट्रीयकृत मार्गों पर प्राइवेट बसों का अवैध परिचालन होता है।

 

अगर राष्ट्रीयकृत मार्ग प्राइवेट बसों को चलाना है तो इसके लिए परिवहन निगम से अनुबंध कराना अनिवार्य है। सुझाव पर विचार के लिए तीन सदस्यीय कमेटी ट्रांसपोर्टरों द्वारा दिये गये सुझाव पर विचार करने के लिए विभाग ने अपर सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनायी थी। इसमें अपर सचिव सहित उप सचिव व क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार पटना के सचिव शामिल थे। सुझाव पर सभी मार्गों की पहचान कर सूची तैयार की गयी है। विभाग उन मार्गों की अधिसूचना जारी करेगी।

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