बिहार दिवस पर 500 ड्रोन उड़ाने वाली टीम अब तोड़ेगी चीन का रिकार्ड, 7500 का सेट किया है टारगेट

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बिहार दिवस पर गांधी मैदान में 500 ड्रोन एक साथ उड़ाकर चर्चा में आए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) दिल्ली के पूर्ववर्ती छात्रों की टीम का लक्ष्य अगले साल चीन के रिकार्ड को तोडऩा है। टीम के को-फाउंडर जमुई के मलयपुर निवासी अनुज कुमार वर्णवाल का कहना है कि चीन में एक साथ 5000 से अधिक ड्रोन एक साथ उड़ाए गए हैं। इसे अगले साल ब्रेक करना है। इस साल के अंत तक 2500 ड्रोन एक साथ उड़ाने का लक्ष्य है। चीन, रूस और ब्रिटेन के बाद भारत चौथा देश बना है, जहां एक साथ 1000 से अधिक ड्रोन उड़ाए गए हैं।

छह माह में पूरा किया 1000 ड्रोन का टास्क 

अनुज ने बताया कि आइआइटी दिल्ली में एक साथ 100 ड्रोन उड़ाने का कार्यक्रम पिछले साल जुलाई में था। इसमें डिपार्टमेंट आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी के सचिव, डिफेंस के कई वरीय अधिकारी अतिथि थे। उसी समय 1000 हजार ड्रोन जनवरी में उड़ाने का टास्क मिला। कोविड के कारण कई समान उपलब्ध नहीं थे। इसका विकल्प टीम ने तैयार किया। तीन लोगों की टीम 40 की हो गई। दिसंबर तक 1000 हजार से अधिक स्वदेसी ड्रोन बनकर तैयार हो गए। जीपीएस, हार्डवेयर, मोटर कमांड सहित सभी तकनीक स्वदेसी रही। जनवरी में राष्ट्रपति भवन परिसर में दो सप्ताह तक हर दिन रिहर्सल किया गया। 29 जनवरी को छह माह की मेहनत सफल हुई।

आधी से भी कम हो गई कीमत 

को-फाउंडर तन्मय बुनकर ने बताया कि ड्रोन पूरी तरह स्वदेसी है। पहले जीपीएस सिस्टम को ही मंगाने में 30 से 40 हजार रुपये लग जाते थे। अब इतनी कीमत में पूरा ड्रोन ही तैयार हो जाता है। डिजाइन, स्पीड कंट्रोल सहित तमाम तकनीक टीम ने खुद तैयार की हैं। देश में ड्रोन के पार्ट के लिए बहुत हद तक चीन पर आश्रित थे।

हास्टल में ही शुरू कर दिया था स्टार्टअप 

2010 में अनुज का नामांकन आइआइटी दिल्ली में हुआ। उन्होंने बताया कि हास्टल में बैचमेट मध्यप्रदेश के तन्मय बूनकर के साथ डिफेंस में देश को आत्मनिर्भर करने पर चर्चा होती थी। 2016 में तन्मय और दिल्ली की डा. सरिता अहलावत के साथ बोटलैब डायनेमिक्स स्टार्टअप ने रफ्तार पकड़ी। आइआइटी दिल्ली इंक्यूबेशन सेंटर से जुडऩे के बाद 2017 में डिपार्टमेंट आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी ने 50 लाख रुपये का फंड रिसर्च के लिए उपलब्ध कराया। आर्मी के लिए कई स्तर के ड्रोन डिजाइन किए जा चुके हैं। रिसर्च एंड डेवलपमेंट से भी डेढ़ करोड़ ग्रांट मिल चुका है।

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