बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने किया ऐसा काम कि लालू यादव को करनी पड़ी नोबेल पुरस्कार देने की मांग

राजनीति

Patna: बिहार में कोरोना संक्रमण का दौर चल रहा है। कोरोना की रफ्तार पर काफी हद तक सरकार ने लॉकडाउन लगाकर काबू पा लिया है। इस बीच सरकार पर विपक्ष का हमला जारी है। हर दिन इंटरनेट मीडिया के माध्यम से कटाक्ष किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर तंज कसा है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने नीतीश कुमार को नोबेल पुरस्कार दिए जाने की मांग की है। 

बदहाली की तस्वीर पर राजद ने किया था कमेंट

दरअसल, मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखंड क्षेत्र के हरसुवार गांव के उपस्वास्थ्य केंद्र की बदहाली की तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुई थी। इसी स्वास्थ्य केंद्र की तस्वीर को ट्वीट करते हुए आरजेडी मधुबनी के ट्विटर अकाउंट पर लिखा गया, ये हरलाखी प्रखंड क्षेत्र के हरसुवार गांव का उपस्वास्थ्य केंद्र है! इसकी हालत के लिए अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को संयुक्त रूप से नोबेल पुरस्कार नहीं मिला तो बड़ा अन्याय होगा! आप क्या बोलते हैं? नीचे लिखें!

नीतीश को नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित करना चाहिए

मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखंड क्षेत्र के हरसुवार गांव के उपस्वास्थ्य केंद्र की तस्वीर को देखकर लालू यादव ने भी रिप्लाई किया। राजद सुप्रीमो ने लिखा, मधुबनी के जनता मालिकों का कहना है कि जिले में ऐसे सैकड़ों स्वास्थ्य केंद्र बंद कराने के लिए नीतीश कुमार को नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित करना चाहिए। गुरुवार को राजद कैमूर ने फिर एक तस्वीर ट्वीट की। प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र रामगढ़ विधानसभा प्रखंड दुर्गावती ग्राम मचखिया की तस्वीर ट्विटर पर अपलोड करते हुए लिखा कि एक से बढ़कर एक अजीमोशान कारनामे हैं नीतीश कुमार और मंगल पांडेय के, जुगलबंदी बस गिनते जाइये! इस पर लालू ने लिखा, बिहार में बंद पड़े (लेकिन गुलाबी और बसंती फाइलों में संचालित) ऐसे हजारों स्वास्थ्य केंद्र नीतीश कुमार की फेल्योर के विराट स्मारक हैं।

Source: Dainik Jagran

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