पैर से लिखकर प्रथम श्रेणी से पास किया मैट्रिक परीक्षा, तीन साल की उम्र में कट गए थे दोनों हाथ

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किसी ने ठीक ही कहा है, यदि हमारी उड़ान देखनी हो, तो आसमां से कह दो कि वो अपना कद और उंचा कर ले। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है कि बिहार के दिव्यांग नंदलाल ने।

नंदलाल के हाथ कट चुके हैं। लेकिन हौंसलों में कमी नहीं आयी। लोगों के ताने सुनकर भी अपनी पढा़ई जारी रखी। पैरों से लिखकर मैट्रिक की परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास किया। मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर के संतलालपुर निवासी अजय साह और बेबी देवी के दिव्यांग पुत्र नंदलाल नजीर बन गए हैं।

मात्र तीन वर्ष की उम्र में हाइ वोल्टेज तार की चपेट में आने के कारण नंदलाल के दोनों हाथ चिकित्सक ने काट दिए। दोनों हाथ गवां देने के बाद भी कभी नंदलाल का हौसला कम नहीं हुआ। नंदलाल ने अपने पैरों से अपनी किस्मत लिखना शुरू किया।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा वर्ष 2017 की मैट्रिक परीक्षा के दौरान नंदलाल ने सभी विषयों की कांपी अपने पैरों से ही लिखी।

गुरुवार को जब परीक्षा परिणाम आया, तो परीक्षा परिणाम सुनने के बाद लोग दंग रह गए। 66.4 प्रतिशत अंक ला कर नंदलाल ने खड़गपुर का मान बढ़ा दिया।   

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