बिहार में अब ड्रोन से होगी शराब के धंधेबाजों की निगरानी, होम डिलीवरी करने वाले जाएंगे जेल

जानकारी

शराबबंदी के बाद भी घरों में होम डिलीवरी करने वाले धंधेबाजों की निगरानी अब ड्रोन से होगी। उत्पाद आयुक्त बी कार्तिकेय धनजी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसके लिए निविदा जारी कर दी गई है। जल्दी ही जिलों को उनकी मांग पर ड्रोन उपलब्ध करा दिया जाएगा।

उत्पाद आयुक्त ने बताया कि जंगल, पहाड़ और दियारा वाले इलाकों में ड्रोन के जरिए खास निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही शहरों में कुछ खास इलाकों की पहचान कर ऑनलाइन सिस्टम के जरिए निगाह रखी जाएगी। उत्पाद आयुक्त ने बताया कि शराबबंदी के उल्लंघन के आरोप में पकड़े गए लोगों को जल्द से जल्द सजा दिलाने या उनके मामले के निपटारे के लिए 31 विधि परामर्शी की नियुक्ति की गई है। अगर पुलिस आपकी अल्कोहल की जांच ब्रेथ-एनालाइजर लगा कर करती है तो आप ब्रेथ-एनालाइजर का पाइप बदलने के लिए कह सकते हैं। यह पाइप यूज एंड थ्रो के सिद्धांत कपर काम करता है। यह कहना है कि मद्यनिषेद विभाग के आयुक्त का। उन्होंने कहा कि विभाग में इस पाइप की कोई कमी नहीं है। जरूरत के हिसाब से जिलों को आपूर्ति की जा रही है।

 

मैसेज से वाट्सअप क्रैश

आयुक्त ने बताया कि कार्रवाई से शराब माफियाओं में हड़कंप है। मद्य निषेध विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के मोबाइल पर मैसेज के भरमार से उनका फोन हैंग कर रहा है, वाट्सअप क्रैश हो गया है।

एंटी लीकर टास्क फोर्स को करेंगे मजबूत

उत्पाद आयुक्त ने बताया कि जिलों में एंटी लीकर टास्क फोर्स को मजबूत किया जा रहा है। कई जिलों में तो आठ-दस टास्क फोर्स काम कर रहे हैं। ये गोपनीय सूचनाओं के आधार पर त्वरित पहल कर रहे हैं। इनमें होमगार्डों की भी सेवा ली जा रही है। हर जिले में उत्पाद विभाग की टीम को संसाधन संपन्न बनाया जा रहा है। बेल्ट्रान से 70 आईटी ब्वॉयज व 127 डाटा इंट्री ऑपरेटरों की मांग की है। नंवबर में 1430 केस दर्ज किए गए और 781 लोग गिरफ्तार किए गए।

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