बिहार में बड़ी लापरवाही, 4 लाख कोरोना वैक्सीन डोज हो गई बर्बाद, केंद्र सरकार ने जारी की रिपोर्ट

खबरें बिहार की

पटना: कोरोना टीकाकरण को लेकर राज्य के नागरिकों में उत्साह है. उनको टीका लेने के लिए घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है. इधर राज्य में केंद्र सरकार द्वारा भेजे गये कोरोना वैक्सीन के साढ़े चार लाख डोज बर्बाद हो गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार को देश के 10 राज्यों में कोरोना वैक्सीन डोज की बर्बादी की रिपोर्ट जारी की है. इसमें बताया गया है कि बिहार में भेजे गये कोरोना वैक्सीन के 5.20 फीसदी डोज बर्बाद हो गये हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार को 10 राज्यों में वैक्सीन के होनेवाले नुकसान को लेकर जारी रिपोर्ट के अनुसार वैक्सीन नुकसान करनेवाले राज्यों में पांचवें स्थान पर है. रिपोर्ट में बताया गया है कि बिहार की आबादी कुल 12 करोड़ 23 लाख 4100 हजार है. बिहार को 45 वर्ष से ऊपर के उम्रवालों को टीकाकरण के लिए कुल 8765820 कोरोना वैक्सीन के डोज भेजे गये हैं. इसमें से कुल वैक्सीन के 8239474 डोज का खपत हो चुका है. खपत होनेवाले वैक्सीन डोज में 455822 डोज नुकसान हो गया है.

इसके अलावा मंगलवार को बिहार में 526396 डोज अभी शेष हैं. जानकारों का कहना है कि वैक्सीन का सही उपयोग नहीं होने के कारण इतना डोज नुकसान हो गया है. कोविशिल्ड के एक वायल में 10 डोज और कोविशिल्ड के एक वायल में 20 डोज होता है. बताया जा रहा है कि किसी सेंटर पर वैक्सीन वायल के खुलने के चार घंटे के अंदर अगर पूरे वायल के डोज का पूरा उपयोग नहीं हुआ तो वह वैक्सीन बेकार हो जाती है. यह एक बहुत बड़ा कारण है जिसके कारण इतनी संख्या में वैक्सीन को डोज बर्बाद हो गये.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार सर्वाधिक वैक्सीन डोज नुकसान होनेवाले टॉप 10 राज्यों में सबसे ऊपर हरियाणा है जहां पर खपत किये गये वैक्सीन का 6.49 प्रतिशत नुकसान हो गया है. इसी प्रकार से दूसरे स्थान पर असम हैं जहां पर 5.92 प्रतिशत, राजस्थान में 5.68, मेघालय जहां पर 5.67 प्रतिशत, बिहार जहां पर 5.20 प्रतिशत, मणिपुर जहां पर 5.19 प्रतिशत, पंजाब जहां पर 4.94 प्रतिशत, दादरा एवं नगरहवेली जहां पर 4.85 प्रतिशत, तमिलनाडु जहां पर 4.13 और नागालैंड जहां पर खपत वैक्सीन का 3.36 प्रतिशत डोज का नुकसान हुआ है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *