आज बादलों ने फिर साज़िश की
जहाँ मेरा घर था वहीं बारिश की
अगर फलक को जिद है ,बिजलियाँ गिराने की
तो हमें भी ज़िद है ,वहि पर आशियाँ बनाने की

अपनी हिम्मत और लगन के बदौलत सना बार्न 2 डांस एकेडमी की निदेशक नीलम सिंह बिग मेम साब सीजन 08 का खिताब अपने नाम कर चुकी है। नीलम सिंह आज डांस की दुनिया में अपनी सशक्त पहचान बनाने में कामयाब हुयी है लेकिन इन कामयाबियों को पाने के लिये उन्हें अथक परिश्रम का सामना भी करना पड़ा है। गया शहर के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के जैतिया गांव में जन्मी नीलम सिंह के पिता उमेश सिंह और मां बिन्दू सिंह बेटी को उच्चअधिकारी बनाना चाहते थे लेकिन नीलम सिंह पढ़ने में अधिक रूचि नही थी और वह मशहूर कोरियोग्राफर गीता मां और बॉलीवुड की धकधक गर्ल माधुरी दीक्षित से प्रभावित रहने के कारण डांस के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना चाहती थी।

2007 में नीलम सिंह की शादी बिजनेस मैन बालाजी सिंह के साथ हो गयी और वह पटना आ गयी। शादी के बाद जहां आम तौर पर युवती की शादी के बाद उसपर कई तरह की बंदिशे लगा दी जाती है लेकिन नीलम सिंह के साथ ऐसा नही हुआ।उनके पति बालाजी सिंह के साथ ही ससुर उमा कां सिंह और सास सरस्वती देवी समेत ससुराल पक्ष के सभी लोगों ने उन्हें काफी सपोर्ट किया।

जिंदगी में कुछ पाना हो तो खुद पर ऐतबार रखना
सोच पक्की और क़दमों में रफ़्तार रखना
कामयाबी मिल जाएगी एक दिन निश्चित ही तुम्हें
बस खुद को आगे बढ़ने के लिए तैयार रखना।

कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी काम नामुमकिन नहीं। इस बात को साबित कर दिखाया नीलम सिंह ने। नीलम सिंह यदि चाहती तो विवाह के बंधन में बनने के बाद एक आम नारी की तरह जीवन गुजर बसर कर सकती थी लेकिन वह खुद की पहचान बनाना चाहती थी। नीलम सिंह का सपना था कि वह डांस के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाये। उनकी करीबी मित्र और मीडिया से जुड़ी अरूणिमा ने उनका हौसला बढ़ाया। इसी दौरान नीलम सिंह को उनकी बेटी समीक्षा बालाजी के स्कूल में हुये डांसिग कंपटीशन में शिरकत करने का अवसर मिला और उन्हें उनके डांस के लिये काफी सराहना मिली।

परेशानियों से भागना आसान होता है
हर मुश्किल ज़िन्दगी में एक इम्तिहान होता है
हिम्मत हारने वाले को कुछ नहीं मिलता ज़िंदगी में
और मुश्किलों से लड़ने वाले के क़दमों में ही तो जहाँ होता है

नीलम सिंह ने निशचय किया कि अब वह डांस के क्षेत्र में अपनी पहचान बना कर दिखायेगी। नीलम सिंह ने वर्ष 2013 में जी पुरवईया पर हुये डासिंग कंपटीशन गजब है में परफार्म किया हालांकि वह शो की विजेता नही बन सकी लेकिन उन्हें उनके डांस के लिये काफी सराहना मिली। नीलम सिंह ने जाने माने कोरियोग्राफर राकेश राज से डांस सीखना शुरू कर दिया

वक़्त आने दे दिखा देंगे तुझे ऐ आसमाँ
हम अभी से क्यूँ बताएँ क्या हमारे दिल में है

इसके बाद नीलम सिंह ने डीआइडी सुपरमॉम में हिस्सा लिया और वह पांचवे राउंड तक गयी । मुंबई में हुये शो के दौरान जज के तौर पर मौजूद बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा , मशहूर कोरियोग्राफर गीता मां और टैरेंस लुईस ने नीलम सिंह के डांस की काफी तारीफ भी की । इसी दौरान नीलम सिंह ने बिग मेम साब सीजन और भौजी नंबर वन रियलिटी शो में भी शिरकत की लेकिन उन्हें कामयाबी नही मिल सकी।

नीलम सिंह का मानना है कि
रात नहीं ख्वाब बदलता है, मंजिल नहीं कारवाँ बदलता है; जज्बा रखो जीतने का क्यूंकि, किस्मत बदले न बदले , पर वक्त जरुर बदलता है।

नीलम सिंह ने वर्ष 2015 में राकेश राज के साथ मिलकर बार्न टू डांस एकेडमी की शुरूआत की। इसके बाद नीलम सिंह ने अपनी छोटी बेटी सना के नाम से एक्जीविशन रोड में सना बार्न 2 डांस एकेडमी की शुरूआत की। उनकी संस्था में आज 100 से अधिक महिलायें और बच्चियां डांस सीखती है। नीलम सिंह स्कूल , कॉलेज में होने वाले डासिंग कार्यक्रम को कोरियोग्राफ करने लगी।कहते हैं यदि किसी चीज को दिल से चाहो, तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने की साजिश में लग जाती हैं।

ज़िंदगी कि असली उड़ान बाकी है
जिंदगी के कई इम्तेहान अभी बाकी है
अभी तो नापी है मुट्ठी भर ज़मीन हमने अभी तो सारा आसमान बाकी है

नीलम सिंह ने हाल ही में राजधानी पटना में आयोजित बिग मेम साब सीजन 08 में हिस्सा लिया और विजेता का ताज अपने नाम कर लिया।नीलम अपनी सफलता का मूल मंत्र इन पंक्तियों में समेटे हुये है। नीलम सिंह का मानना है किटूटने लगे हौसले तो ये याद रखना, बिना मेहनत के तख्तो-ताज नहीं मिलते, ढूंढ़ लेते हैं अंधेरों में मंजिल अपनी, क्योंकि जुगनू कभी रौशनी के मोहताज़ नहीं होते…

नीलम सिंह महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना चाहती थी और इसी को देखते हुये वह स्वंय सेवी संगठन दैनिक जागरण संगिनी क्लब से भी जुड़ गयी और महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर काम किया। नीलम सिंह अपने पति बालाजी को रियल हीरो मानती है उन्हें याद कर गुनगुनाती है , मिले हो तुम हमको बड़े नसीबों से चुराया है मैंने किस्मत की लकीरों से , सदा ही रहना तुम मेरे करीब होके चुराया है मैंने किस्मत की लकीरों से।

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