भोजपुरी प्राइवेट एलबम है अश्लीलता की असली वजह, हमारे साथी कलाकार करते हैं ऐसी गलती

जानकारी

भोजपुरी सिनेमा में अमिताभ बच्चन कहे जाने वाले एक्टर कुणाल सिंह आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। कुणाल पिछले 4 दशकों से भोजपुरी सिनेमा का हिस्सा हैं। अपने करियर में उन्होंने एक से बढ़कर एक भोजपुरी फिल्में की हैं। पर्दे पर निभाए गए उनके कई दमदार किरदारों को आज भी याद किया जाता है। उन्होंने अपने सामने भोजपुरी इंडस्ट्री को बढ़ते हुए देखा है। भोजपुरी के अमिताभ यानी कुणाल सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म में काम कर चुके हैं। आज हम आपको कुणाल सिंह से मिलवाने जा रहे हैं। तो आइए जानते हैं भोजपुरी सिनेमा के बारे में उनके विचार…

हिंदुस्तान की आत्मा है भोजपुरी भाषा

भोजपुरी भाषा हिंदुस्तान की आत्मा है। कहते हैं कि हिंदुस्तान गांव में बसता है। कही न कही इस भाषा को हर जगह पर बोला जाता है। इस भाषा की खासियत ये है कि इसे कम ही सही लेकिन समझा जा सकता है। जब हम हिंदुस्तान की सिनेमा के बारे में बात करते हैं तो कही न कहीं ब्लैक एंड व्हाइट के जमाने में भी छोटा सा ही सही लेकिन एक छोटा सा ही सही लेकिन किरदार होता था। वहीं गानों में भी भोजपुरी भाषा के शब्दों का इस्तेमाल होता था। ऐसे में हिंदुस्तान सिनेमा को भोजपुरी से अलग सोची ही नहीं जा सकती है। ये बहुत दुख की बात है कि अभी तक हमारी इस भाषा को राष्ट्रिय भाषा का सम्मान भी नहीं मिल पाया है।

सिनेमा समाज का आईना है…

हर दस साल में सिनेमा बदलता है, हमारी जीवन शैली बदल जाती है, सोच बदल जाती है, हमारी जरूरतें बदल जाती हैं। ऐसे में जो कि सिनेमा समाज का आईना होता है तो उसकी वजह से हमारा सिनेमा भी बदल गया, लेकिन जिंदगी की समस्याएं वहीं हैं। ऐसे में देखने वाली बात ये है कि इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए हम कितनी खूबसूरत फिल्में बना सकते हैं। हम फिल्मों में महिलाओं की समस्या, दहेज प्रथा, छात्रों की दिक्कतें, बेरोजगारी ये सारी दिक्कतों दिखा सकते हैंं। इन सब चीजों को लेकर हम बहुत खूबसूरत फिल्में बना सकते हैं।

भोजपुरी सिनेमा में अश्लीलता बहुत ज्यादा ज्यादा बढ़ती जा रही है

आज लोग बहुत ज्यादा सिनेमा का लाभ उठाना चाहते हैं। आज भोजपुरी सिनेमा पर जो अश्लीलता का इल्जाम लगने लगा उसकी वजह ये है कि भोजपुरी एल्बम वर्ल्ड और भोजपुरी सिनेमा की दुनिया है ये दोनों एक अलग-अलग दुनिया है। भोजपुरी सिनेमा में एक सेंसर बोर्ड है, जिसके जरिए हम फिल्मों को पास करते हैं। वहीं एल्बम जो यूट्यूब पर कोई भी कहीं भी डाल के चला देते हैं। इस पर न ही सरकार की रोक है न ही सेंसर की पकड़।

साथी कलाकार करते हैं ये गलती

कुणाल ने आगे कहा, ‘देखने वाली बात ये है कि इसकी भाषा वही है और हमारे कुछ साथी कलाकार ये गलती करते हैं वो एलबम और सिनेमा दोनों में दिखाई देते हैं। ऐसे में दूर बैठे लोगों को लगता है पूरा भोजपुरी गीत संगीत सिनेमा की पूरी दुनिया ऐसी ही है, लेकिन ऐसी बात नहीं है। साथी कलाकारों को और सरकार को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इस तरह की चीजें प्रस्तुत न की जाएं।

शाह रुख की फिल्म पर भी मचा बवाल

बातचीत में कुणाल सिंह ने शाह रुख खान की फिल्म ‘पठान’ का जिक्र करते हुए भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, ‘बात अगर अश्लीलता की रही तो कई सारे चैनल ऐसे हैं जो तरह-तरह की चीजें परोस रहे हैं। वहीं सिर्फ भोजपुरी की ही बात क्यों करें शाह रुख खान की फिल्म ‘पठान’ पर कितना बड़ा विवाद हो गया। सिर्फ एक गाने को लेकर। अगर किसी विवाद करना है तो किसी भी बहाने से कर सकता है फिर चाहे वो धर्म का बहाना बनाकर या फिर रंग का बहाना बनकार। लेकिन हमें खुद इन सब चीजों को लेकर जागरूक होना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.