भारत-नेपाल के बीच 8 साल बाद दौड़ी ट्रेन, पीएम मोदी-देउबा दिखाई हरी झंडी

जानकारी

आठ वर्षों के लंबे इंतजार के बाद शनिवार को आखिर भारत- नेपाल के बीच ट्रेनों का परिचालन फिर से शुरू हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री मंत्री शेर बहादुर देउवा ने दिल्ली से संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर जयनगर स्टेशन पर सज-धज कर तैयार ट्रेन को रवाना किया। ट्रेन करीब 50 लोगों को लेकर जनकपुर की ओर रवाना हो गई। उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि यह ट्रेन परिचालन भारत और नेपाल के रिश्तों को सुगम बनाएगा।

उद्घाटन समारोह के मौके पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। बिहार और नेपाल पुलिस अलावा एसएसबी, इंटेलिजेंस, रॉ, आरपीएफ, जीआरपी के सुरक्षा बल व अधिकारी मौजूद थे। समारोह तक पहुंचने वाले एक—एक व्यक्ति को कस्टम सुरक्षा घेरा से गुजरना पड़ा। जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की कमान डीएम अमित कुमार और एसपी डॉ. सत्यप्रकाश संभाल रहे थे।

जीएम की अगुवाई में जनकपुर गया प्रतिनिधिमंडल

प्रधानमंत्री के हरी झंडी दिखाने के बाद पूर्व मध्य रेलवे के जीएम अनुपम शर्मा की अगुवाई में रेलवे के 19 वरीय अधिकारियों की टीम नेपाल में होने वाले समारोह में शामिल होने के लिए ट्रेन से रवाना हुई। उनके साथ नेपाल रेल के जीएम और उनके प्रतिनिधिमंडल के 12 सदस्य भी थे।

34.50 किमी तक ही अभी परिचालन होगा

भारत और नेपाल के बीच लगभग 784 करोड़ रुपये से जयनगर- बिजलपुरा- बर्दीबास (69.08 किमी) रेल परियोजना का हो रहा है। पहले फेज में 34.50 कि मी जयनगर- जनकपुरधाम- कुर्था (नेपाल) रेलखंड पर शनिवार से ट्रेन परिचालन शुरू हो गया। दूसरे फेज में कुर्था से बिजलपुरा तक 18 किमी लंबे रेलखंड का भी कार्य पूरा हो चुका है। तीसरे फेज में बिजलपुरा से बर्दीबास तक लगभग 16 किमी लंबे रेलखंड का निर्माण रेलवे की ओर से जमीन उपलब्ध होते ही शुरू कर दी जाएगी।

रविवार से आम लोग कर सकेंगे सफर

जयनगर से कुर्था तक और कुर्था से जयनगर तक रविवार से आम यात्री इसमें सफर कर सकेंगे। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार एक फेरा जयनगर से और एक फेरा कुर्था से चलेगी। सुबह 8:15 बजे जयनगर से कुर्था के लिए ट्रेन रवाना होगी। वहीं शाम 7:15 बजे कुर्था से आने वाली ट्रेन जयनगर पहुंचेगी।

दोनों डीएमयू को जोड़कर एक साथ किया गया रवाना

एक जोड़ी डीएमयू ट्रेन का परिचालन भारत व नेपाल के बीच होना है। उद्घाटन दोनों डीएमयू ट्रेन को जोड़ा किया गया। फिर दोनों ट्रेन को जोड़कर एक साथ कुर्था के लिए रवाना किया गया।

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