भगवान महावीर का 2544 वां निर्वाणोत्सव छह नवंबर को, CM नीतीश करेंगे उद्घाटन

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जैन धर्म के अंतिम शासन नायक 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की पांच कल्याणक बिहार प्रांत में है. जहाँ उनकी हर कल्याणक को बहुत ही धूमधाम के साथ राजकीय स्तर पर मनाया जाता है, भगवान महावीर के जन्म से लेकर निर्वाण तक की कल्याणक का खास महत्व है जिसे जानने के लिए अन्य संप्रदाय के लोगों में भी जिज्ञासा रहती है उनकी राह पर चलने को तैयार है. भगवान महावीर ने जो संदेश दिया था वो आज भी देश के साथ विदेशों मे भी अमल है, जियो और जीने दो, अहिंसा परमो धर्म: सहित काफी अहिंसात्मक संदेश दुनिया को बताया जिसे जैन धर्म के मानने वाले लोग अमल कर रहे है.

जैसा मालूम है कि भगवान महावीर के जन्म कल्याणक को बिहार राज्य के स्तर पर दो क्षेत्रों मे मनाई जाती है वैशाली और कुण्डलपुर जिसमें बिहार सरकार का महत्वपूर्ण योगदान रहता है. ज्ञातव्य है कि भगवान महावीर की निर्वाण दिवस कार्तिक अमावस्या दीपावली के दिन धूमधाम के साथ जैन परम्परा अनुसार हर्षोल्लासपूर्वक मनाया जाता है. भगवान महावीर स्वामी को उषा बेला में पावापुरी से मोक्ष की प्राप्ति हुई थी. भगवान महावीर के निर्वाण महोत्सव को बिहार स्टेट दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमिटी एवं श्री श्वेताम्बर जैन भंडार तीर्थ के तत्वाधान में वर्षों से मनाया जाता आ रहा है जिसमें हजारों की संख्या में जैन धर्मावलंबियों का आगमन पावापुरी जी के पावन भूमि पर होता है.

स्थानीय कमिटी का तो अथक प्रयास रहता है कि श्रद्धालुओ को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो और मुकम्मल इंतज़ाम में लगे रहते है.भगवान महावीर निर्वाण महोत्सव को राजकीय के साथ राष्ट्रीय स्तर पर लोग जाने इसलिए श्री बिहार स्टेट दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमिटी हमेशा तत्पर रहती थी कि इस निर्वाण महोत्सव को एक दिन राजकीय स्तर पर मनाया जाय ताकि यह महोत्सव राष्ट्रीय स्तर पर खुद पर खुद पहुँच सके और यह सपना 2016 में निर्वाण महोत्सव में आमंत्रित बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने पुरा किया, और जैन समाज के साथ इस कमिटी की मेहनत और अथक प्रयास सफल हुआ जिसकी आशा वर्षों से की जा रही थी.

अब इस भगवान महावीर पावापुरी महोत्सव में पावापुरी क्षेत्र पहुँचने वाले श्रद्धालुओं को भी किसी प्रकार की असुविधा नही होगी , सरकार एवं जिला प्रशासन का भरपूर सहयोग मिल रहा है. तो वर्ष 2017 में होने वाले निर्वाण महोत्सव को भगवान महावीर पावापुरी महोत्सव का नाम दिया गया, जिससे जैन समाज के साथ स्थानीय लोगों में हर्ष की लहर है. प्रथम पावापुरी महोत्सव का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था. इस महोत्सव की तैयारी को लेकर दिगम्बर एवं श्वेताम्बर प्रबंधन समिति के साथ साथ जिला प्रशासन सहित राज्य प्रशासन तैयारी में लगे रहते है.

बिहार स्टेट दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमिटी के मानद मंत्री पराग जैन ने अपने कार्यकाल के प्रथम वर्ष ही इस निर्वाण महोत्सव को पावापुरी महोत्सव के रूप में देने का प्रयास किया जो सफल हुआ. उन्होंने 2542 वें निर्वाणोत्सव पर आमंत्रित मुख्य अतिथि बिहार के मुख्यमंत्री से दिगम्बर जैन कोठी के महोत्सव मंच से कमिटी और जैन समाज की ओर से निवेदन किया था कि भगवान महावीर के निर्वाण दिवस को राजकीय दर्जा प्राप्त हो और बिहार सरकार की ओर इस आयोजन को भव्य व विशाल तौर पर आयोजित किया जाय, अंततः सरकार की कैबिनेट बैठक में इसकी स्वीकृति प्रदान की गयी, एक तरह से जैन समाज के लिए सौगात से कम नही है.

इस सफल आयोजन को करने के लिए बिहार स्टेट दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के पूर्व मानद मंत्री सह उपाध्यक्ष अजय कुमार जैन का भी अहम भूमिका रही इनके अथक प्रयास से ही यह संभव हो सका. जैन समाज के प्रवीण जैन ने कहा कि कमिटी द्वारा पूर्व से ही भगवान महावीर की निर्वाण महोत्सव बहुत ही धूमधाम के साथ राजकीय स्तर पर मनाते आ रहा था, पर अब खुशी की बात यह है कि इस महोत्सव को बिहार सरकार के ऐलान में पावापुरी महोत्सव के तर्ज पर मनाने का फैसला लिया गया.

यहाँ पहुँचने वाले हजारों श्रद्धालुओ की सुविधा हेतु स्थानीय जैन मंदिर प्रबंधन तैयारीयो में जुट जाती है खाने-पीने , आने-जाने से लेकर ठहरने तक की सुविधा की जाती है. इस महोत्सव में सहयोग करने वाले सदस्यों की अहम योगदान होता है हजारों की संख्या में पहुँचे श्रद्धालुओ की मुकमल्ल इंतजाम करना एक बड़ी चुनौती होती है.

बता दें कि 2016 में 2542 वां निर्वाण महोत्सव में दिगम्बर जैन कोठी के मंच पर कमिटी के सदस्यों द्वारा मंगलाचरण गीत गाया गया था जो माननीय मुख्यमंत्री महोदय को काफी पसंद आया, और वो उस मंगलाचरण गीत को अपने कर्मीयो के माध्यम से मंगवाकर साथ ले गये, उन्हें वह मंगलाचरण गीत इतना भाया कि वो पुरा भाषण उसी पर दे गयें.

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