भागलपुर में लगेंगे शहद, मक्का और फल-सब्जी आधारित उद्योग, सरकार करेगी मदद, लोगों को मिलेगा रोजगार

जानकारी

जिले में फल-सब्जी, शहद और मक्का आधारित उद्योग लगेंगे। बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति योजना (बीएआइपीपी) के तहत चार किसानों ने आवेदन किया है। उद्योग लगाने के लिए किसानों को 25 लाख से पांच करोड़ रुपये तक ऋण मिलेगा। इसमें 15 से 25 फीसद तक की सब्सिडी मिलेगी। साथ ही किसानों से कम ब्याज लिया जाएगा और एग्रीमेंट में भी छूट मिलेगी। इसके अलावा उद्योग व नाबार्ड से संबंधित योजनाओं का भी लाभ मिलेगा। एक परिवार के एक व्यक्ति को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए शैक्षणिक योग्यता आठवीं पास रखी गई है। 18 वर्ष से उपर के व्यक्ति आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। दो किश्त में सब्सिडी का लाभ मिलेगा।

पीरपैंती के तीन व बिहपुर एक किसान ने किया आवेदन

मखाना, फल-सब्जी, शहद, औषधीय और सुगंधित पौधे, मक्का, चाय और बीज में प्रसंस्करण एवं उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पूंजीगत अनुदान मिलना है। उद्योग लगाने के लिए अभी तक चार किसानों ने आवेदन किया है। एग्रो प्वाइंट कृषक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से जुड़े किसान राकेश कुमार सिंह फल-सब्जी आधारित उद्योग लगाने के लिए आवेदन किया।

राज कुमार सिंह ने मक्का आधारित व शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने बीज प्रसंस्करण आधारित उद्योग लगाने के लिए आवेदन किया है। बिहपुर के किसान शहद से संबंधित उद्योग लगाने के लिए आवेदन किया है। राकेश कुमार सिंह ने बताया कि भागलपुर में भारी पैमाने पर फल व सब्जी उपलब्ध है। रैपिंग मशीन के लग जाने से फल को बिना केमिकल दिए नेचुरल तरीके से पकाया जा सकता है।

खूबसूरत फल की सप्लाई दूसरी जगह की जा सकती है। बचे फल से संबंधित प्रोडक्ट तैयार किए जा सकते हंै। वहीं, प्रतिमाह जिले में 10 से 12 टन शहद का उत्पादन होता है। शहद की प्रोसेसिंग के बाद डिब्बा बंद कर बाहर भेजा जा सकता है। इसके लिए बिहपुर के किसान संजय कुमार चौधरी ने आवेदन किया है। राज कुमार सिंह मक्का से पशु दाना तैयार कराएंगे। इसकी मांग जिले में काफी है और इसे बाहर से मंगाया जाता है। जिले में देसी बीज की मांग अधिक है। मजबूरी में किसान हाइब्रिड बीज खरीदते हैं। देसी बीज से संबंधित उद्योग शत्रुघ्न सिंह लगाना चाह रहे हैं।

अधिकतम 50 से 60 फीसद तक मिलेगा लाभ

बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत किसानों को अधिकतम 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। एक व्यक्ति को 15 प्रतिशत, समूह को 25 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। साथ ही महिलाओं को दो प्रतिशत, पूर्व सैनिक, सैनिक के विधवा को दो प्रतिशत और एससी-एसटी को प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान मिलेगा। साथ ही बैंक के ऋण में में छूट, जमीन के एग्रीमेंट में छूट, उद्योग विभाग और नाबार्ड की योजनाओं में भी लाभ मिलेगा।

कुल मिलाकर सामान्य को 50 प्रतिशत और समूह को 60 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। दो किश्त में अनुदान का लाभ मिलेगा। पहला मशीन क्रय के समय और दूसरा काम शुरू होने पर मिलेगा। पूर्व से उद्योग चला रहे लोगों को पांच करोड़ तक का ऋण मिल सकता है।

उद्योग विभाग से भी मिलेगा अनुदान

किसानों को सात क्षेत्रों में पूंजीगत अनुदान के अलावा पहले से लागू बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (बीआइआइपीपी) 2016 का लाभ भी मिल सकेगा। साथ ही ऋण ब्याज अनुदान पर जीएसटी प्रतिपूर्ति का भी प्रावधान किया गया है।

बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत कोई भी किसान उद्योग धंधा शुरू करने के लिए आनलाइन आवेदन कर सकता है। उद्यान विभाग ऋण दिलाने में मदद करेगा और मिलने वाला अनुदान दिलाएगा।

– पवन कुमार, उप निदेश, उद्यान विभाग

शहद, मक्का, फल-सब्जी आधारित उद्योग लगाने की योजना है। किसान इससे संबंधित उद्योग लगाने में दिलचस्पी ले रहे हैं। अभी चार किसानों ने आवेदन किया है। संख्या बढ़ेगी। -विकास कुमार, सहायक निदेशक, उद्यान विभाग

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