हिन्दू धर्म में पंचदेव बताए गए हैं, जिनकी पूजा रोज करनी चाहिए। इनमें गणेशजी, शिवजी, विष्णुजी, मां दुर्गा और सूर्यदेव शामिल हैं। रोज सुबह सूर्यदेव के दर्शन करने से कुंडली के सूर्य और अन्य ग्रहों के दोष दूर हो सकते हैं। सूर्य साक्षात दिखाई देने वाले भगवान माने जाते हैं। घर में पूर्व दिशा में सात घोड़ों के रथ पर सवार सूर्य की फोटो लगानी चाहिए। रोज सुबह जल्दी उठकर सूर्य के दर्शन करने और जल चढ़ाने (अर्घ्य देने) से सभी परेशानियां दूर हो सकतीं हैं।
घर में लगाएं सूर्य देव की फोटो

  • अगर आप सूर्यदेव की कृपा पाना चाहते हैं तो अपने घर में सात घोड़ों के रथ पर सवार सूर्यदेव की फोटो लगानी चाहिए। ये फोटो पूर्व दिशा में लगाएं।
  • इससे घर में सकारात्मकता बढ़ती है। रोज सुबह घर से बाहर निकलने से पहले इस फोटो के दर्शन करना चाहिए और सूर्यदेव से प्रार्थना करनी चाहिए।
  • ऐसा रोज करने से व्यापार, नौकरी और प्रमोशन से जुड़ी समस्याएं खत्म हो सकती हैं।

अर्घ्य देने की विधि

  • सुबह जल्दी उठकर नहाने के सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए। इसके लिए तांबे के लोटे में जल भरें और इसमें चावल, लाल फूल, लाल चंदन भी डालें।
  • इसके बाद पूर्व दिशा की ओर मुंह करके सूर्य देव को अर्घ्य चढ़ाएं। इस दौरान सूर्य मंत्र ‘ऊँ सूर्याय नम:’ का जाप करें।

इन चीजों का करें दान

  • सूर्य ग्रह के अशुभ असर से बचने के लिए अपने वजन के बराबर या अपने सामर्थ्य के अनुसार गेहूं का दान समय-समय पर करना चाहिए।
  • लाल और पीले वस्त्रों का दान किसी गरीब व्यक्ति को करें।
  • तांबे के बर्तन, गुड़ आदि चीजों का दान भी किया जा सकता है।

सूर्य को माना जाता है ग्रहों का राजा

  • ज्योतिष के अनुासार 12 ग्रह होते हैं और सूर्य को इनका राजा माना जाता है। ऐसे में माना जाता है कि सूर्य देव की साधना करने से बाकि ग्रह भी आपको परेशानी नहीं पहुंचाते।
  • वेदों में सूर्य को संसार की आत्मा माना गया है। ऋग्वेद के देवताओं कें सूर्य का महत्वपूर्ण स्थान है। यजुर्वेद के अनुसार सूर्य को भगवान का नेत्र माना जाता है।
  • छान्दोग्यपनिषद के अनुसार सूर्य की ध्यान साधना करने से पुत्र की प्राप्ति होती है। ब्रह्मवैर्वत पुराण तो सूर्य को परमात्मा स्वरूप मानता है।

राम भगवान भी करते थे सूर्य पूजा

  • भगवान राम सूर्य पूजा करते थे वहीं महाभारत में कर्ण भी हर रोज सूर्य की पूजा करते थे और सूर्य को अर्घ्य देते थे। ।
  • ऐसा माना गया है कि इससे व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान मिलता है और भाग्योदय में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं।

Sources:-Dainik Bhasakar

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