बेगूसराय में कुत्तों ने नोच-नोच कर महिला को मार डाला, एक माह में तीसरी घटना

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बिहार के बेगूसराय में कुत्तों का आतंक नहीं थम रहा है। जिले बछवाड़ा, भगवानपुर, छौड़ाही समेत अन्य प्रखंड क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के आतंक से लोग दहशत में है। इसी महीने दो महिलाओं को नोच-नोचकर जान लेने के बाद सोमवार को एक बार फिर कुत्तों के झुंड ने अकेली महिला को अपना शिकार बनाया है। तेयाय ओपी क्षेत्र के महेशपुर गांव स्थित बहियार में कुत्तों के झुंड ने खेत जा रही महेशपुर वार्ड दो निवासी विनय पासवान उर्फ मोंछू पासवान की 40 वर्षीया पत्नी विमला देवी पर हमला कर दिया। गंभीर हालत में उन्हें स्वजनों ने इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इस संबंध में मृतका के देवर सह सरपंच प्रतिनिधि लाली पासवान ने बताया कि सोमवार की दोपहर दो बजे उनकी भाभी विमला देवी कृषि कार्य से महेशपुर गांव स्थित गरैय चौर गई थी। इसी क्रम में कुत्तों के झुंड ने घेर कर नोंचना शुरू कर दिया। कुत्तों ने उनके एक हाथ के मांस नोंच खाया है। जानकारी मिलने पर अन्य खेतिहर मजदूरों समेत स्वजनों के पहुंचने पर कुत्ते बहियार की तरफ भाग निकले। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया लेकिन इलाज के दौरान कुछ ही घंटे बाद उनकी मौत हो गई।

 

इधर, कुत्तों के झुंड द्वारा किसानों खासकर महिलाओं को लगातार शिकार बनाए जाने को लेकर लोगों में खासी नाराजगी है। स्थानीय लोगों को कहना है कि बीते एक साल में अलग-अलग जगहों पर आधा दर्जन मौत होने के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर आवारा आतंक पर नकेल के कोई प्रबंध नहीं किए गए है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन व वनविभाग से आवारा आतंक से किसानों को निजात दिलाने की मांग की है।

लाठी-डंडे व भाला के साथ खेतों के लिए निकल रहे किसान

आदमखोर कुत्तों ने इलाके में लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। भरौल से लेकर बछवाड़ा मरांची तक बहियार के इलाके में आदमखोर कुत्तों का आतंक मचा है। कोई मजदूर अकेले खेत में काम करने के लिए जाने की हिम्मत नहीं कर रहे हैं। रविवार की सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक बहियार के विभिन्न इलाके में दहशत में किसान दिखे। मरांची गांव से बहियार जाने वाली सड़क सुनसान पड़ी है।

इक्के दुक्के लोग इस सड़क पर आवाजाही कर रहे हैं। कुछ किसान जो बहियार की तरफ जा रहे हैं, उन सबों के हाथ में लाठी, डंडे और भाला है। किसानों ने बताया कि कोई भी दिन ऐसा नहीं जिस दिन आदमखोर कुत्ते बहियार के खेतों में किसान मजदूरों पर हमला नहीं कर रहे हैं। कुत्तों को देख खेतों में काम कर रहे किसान उसे खदेड़ते दूर तक खदेड़ते नजर आए।

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